Live
NEET विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, छात्रों के लंबे आंदोलन के बाद बड़ा फैसलापंजाब में मानसून फिर सक्रिय, 30 जुलाई तक बारिश का अलर्ट जारीपंजाब में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, 100 नए आम आदमी क्लीनिक शुरूमोदी जी, जब आपकी CBI सबूत ही नहीं देगी, तो फास्ट ट्रैक का नाटक क्यों?- केजरीवालसफ़ाई कर्मचारियों के साथ हुई घटना के बाद CM भगवंत सिंह मान ने बरनाला डीएसपी को तुरंत सस्पेंड करने का दिया आदेश: मीत हेयरजिला यूथ प्रधान हनीश बंसल अपने समर्थकों के साथ आम आदमी पार्टी में शामिल‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत रिकॉर्ड 72.56 लाख महिलाओं ने रजिस्टर किया, मान सरकार पर भरोसे की मुहर: बलतेज पन्नूमोदी जी, जब आपकी सीबीआई सबूत ही नहीं देगी, तो फास्ट ट्रैक का नाटक क्यों?- केजरीवालNEET विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, छात्रों के लंबे आंदोलन के बाद बड़ा फैसलापंजाब में मानसून फिर सक्रिय, 30 जुलाई तक बारिश का अलर्ट जारीपंजाब में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, 100 नए आम आदमी क्लीनिक शुरूमोदी जी, जब आपकी CBI सबूत ही नहीं देगी, तो फास्ट ट्रैक का नाटक क्यों?- केजरीवालसफ़ाई कर्मचारियों के साथ हुई घटना के बाद CM भगवंत सिंह मान ने बरनाला डीएसपी को तुरंत सस्पेंड करने का दिया आदेश: मीत हेयरजिला यूथ प्रधान हनीश बंसल अपने समर्थकों के साथ आम आदमी पार्टी में शामिल‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत रिकॉर्ड 72.56 लाख महिलाओं ने रजिस्टर किया, मान सरकार पर भरोसे की मुहर: बलतेज पन्नूमोदी जी, जब आपकी सीबीआई सबूत ही नहीं देगी, तो फास्ट ट्रैक का नाटक क्यों?- केजरीवाल
Sunday, 26 July 2026
Menu

मान सरकार की औद्योगिक क्रांति: FastTrack पंजाब पोर्टल से 96% केस खत्म, निवेश और रोजगार में Record बढ़ोतरी!

पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने उद्योग और निवेश के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए एक नई औद्योगिक क्रांति की शुरुआत कर दी है। 29 मई 2025 को CM मान ने फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल को नए रूप में लॉन्च किया और 10 जून को इसकी भव्य शुरुआत की गई। यह डिजिटल पोर्टल पुराने जटिल और कागजी सिस्टम को खत्म कर अब पंजाब को कारोबार शुरू करने के लिए देश का सबसे तेज और आसान राज्य बना रहा है। इस पहल ने न केवल निवेशकों का विश्वास जीता है, बल्कि युवाओं के लिए रोज़गार और पंजाब की अर्थव्यवस्था के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं।

फरवरी 2025 में जहां 8,075 आवेदन समय सीमा से अधिक लंबित थे, अब वो घटकर सिर्फ 283 रह गए हैं—यानि 96% की कमी। जिला स्तर पर 833 में से सिर्फ 17 केस बचे हैं, जो 98% की सफाई दर्शाते हैं। राज्य स्तर पर 166 केसों का निपटारा 100% हो चुका है। इन आंकड़ों की पुष्टि इन्वेस्ट पंजाब की रिपोर्ट में हुई है, जिसे मीडिया और व्यापारिक समुदाय से भी सराहना मिली है। यह सिर्फ प्रशासनिक आंकड़े नहीं, बल्कि हजारों उद्यमियों के सपनों को साकार करने का प्रमाण है।

www.fasttrack.punjab.gov.in पोर्टल अब निवेशकों के लिए वन-स्टॉप सॉल्यूशन बन चुका है। इसमें 20 से ज्यादा विभागों को जोड़ा गया है, जिससे जमीन, पर्यावरण, अग्निशमन, वन विभाग जैसी सभी मंजूरियां एक ही स्थान पर मिल जाती हैं। सिर्फ एक फॉर्म और एक स्टैंप पेपर से प्रक्रिया शुरू होती है। पंजाब राइट टू बिजनेस कानून 2025 के तहत, औद्योगिक पार्कों में प्रोजेक्ट्स को 5 दिन में और अन्य को 15 से 18 दिन में मंजूरी दी जा रही है। अगर कोई विभाग देरी करता है, तो आवेदन ऑटो-एप्रूव हो जाता है।

राजस्व विभाग ने देश में पहली बार CRO (Certificate of Revenue Ownership) को ऑनलाइन कर दिया है, जिससे जमीन की वैधता की पुष्टि बिना दफ्तर जाए मिल रही है। 134 में से 78 आवेदन पहले ही मंजूर हो चुके हैं और शेष पर तेजी से काम चल रहा है। पोर्टल में स्मार्ट तकनीक लागू की गई है, जिससे गलतियाँ तुरंत पकड़ी जाती हैं और समय पर सुधार होता है। SMS और ईमेल के माध्यम से निवेशकों को हर स्टेप की जानकारी मिलती रहती है।

अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच कुल 1,295 प्रोजेक्ट आवेदन मिले, जिनसे ₹29,480 करोड़ का निवेश और 67,672 नई नौकरियों की संभावना बनी है। मार्च 2022 से अब तक 7,414 प्रोजेक्ट्स के माध्यम से कुल ₹1.29 लाख करोड़ का निवेश हुआ है और 4.6 लाख से ज्यादा रोजगार पैदा हुए हैं। फास्टट्रैक पोर्टल से केवल इस साल ₹21,700 करोड़ की परियोजनाएं आई हैं, जो 2024 के मुकाबले 167% और 2023 के मुकाबले 110% अधिक है।

इस बीच, 260 से अधिक औद्योगिक भूखंड बेचे जा चुके हैं और 52 औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर बनाने के लिए ₹300 करोड़ का निवेश किया गया है। इसके साथ ही ₹150 करोड़ की औद्योगिक सहायता भी अप्रैल 2025 से वितरित की जा चुकी है, जिससे पुरानी सरकारों के अधूरे काम पूरे हुए हैं। सरकार अब ₹7,300 करोड़ की लागत से एक नया औद्योगिक हब भी विकसित कर रही है, जो पंजाब को मेगा इंडस्ट्रियल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में पंजाब अब पांच पायदान ऊपर चढ़ चुका है, जिससे राज्य ने बड़े राज्यों को भी टक्कर देनी शुरू कर दी है। निवेशकों का कहना है कि जहां पहले मंजूरी में महीनों लग जाते थे, अब कुछ ही दिनों में पूरा काम हो रहा है। सोशल मीडिया पर @invest_punjab को ‘क्लीन, ट्रांसपेरेंट और तेज़’ पोर्टल बताया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे देश का सबसे बड़ा कारोबारी सुधार बताते हुए कहा कि अब पंजाब भ्रष्टाचार से मुक्त हो गया है और निवेशक वापस लौट रहे हैं।

फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल ने सरकारी प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और निवेशक-हितैषी बना दिया है। इससे न केवल दफ्तरों का बोझ कम हुआ है, बल्कि युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। यह पहल सिर्फ आर्थिक बदलाव नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन भी ला रही है—नशे जैसी समस्याओं से जूझ रहे पंजाब को एक नया रास्ता दिखा रही है। यह साबित करता है कि जब सरकार की नीयत साफ हो और सोच आधुनिक हो, तो बदलाव मुमकिन है। और पंजाब में, यह बदलाव अब ज़मीन पर दिखने भी लगा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *