Live
बटाला में 176 करोड़ के प्रोजेक्टों की सौगात, नए बस स्टैंड का ऐलान; सुखबीर बादल पर परिवार को बचाने के आरोप लगाएअकाली नेता की गिरफ्तारी ने सुखबीर बादल का ‘पंजाब बचाओ’ ड्रामे की पोल खोली: Baltej Pannuसरकारी अस्पतालों में आज से सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक चलेगी OPD इमरजेंसी सेवाएं पहले की तरह जारीकरीब 39 लाख स्वास्थ्य कार्ड जारी, पंजाब में मुफ्त और कैशलेस इलाज का तेज विस्तार: डॉ. बलबीर सिंहसंगरूर के लहरागागा सीएचसी में OPD-IPD सेवा शुरू:कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा, डॉ. बलबीर सिंह ने किया उद्घाटन,मेडिकल कॉलेज जल्दBBMB में भर्तियां खोलने का केंद्र का कदम पंजाब के दरियाओं के पानी पर कब्ज़ा करने की कोशिश है: बलतेज पन्नूPunjab News: होशियारपुर के कंडी क्षेत्र में 70 साल बाद बनेंगी शानदार सड़कें, सीएम भगवंत मान ने 150 करोड़ के विकास कार्यों का किया उद्घाटनदीपक बाली का BJP और केंद्र पर तीखा हमला, बोले—आप नेताओं को डराने की साजिशबटाला में 176 करोड़ के प्रोजेक्टों की सौगात, नए बस स्टैंड का ऐलान; सुखबीर बादल पर परिवार को बचाने के आरोप लगाएअकाली नेता की गिरफ्तारी ने सुखबीर बादल का ‘पंजाब बचाओ’ ड्रामे की पोल खोली: Baltej Pannuसरकारी अस्पतालों में आज से सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक चलेगी OPD इमरजेंसी सेवाएं पहले की तरह जारीकरीब 39 लाख स्वास्थ्य कार्ड जारी, पंजाब में मुफ्त और कैशलेस इलाज का तेज विस्तार: डॉ. बलबीर सिंहसंगरूर के लहरागागा सीएचसी में OPD-IPD सेवा शुरू:कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा, डॉ. बलबीर सिंह ने किया उद्घाटन,मेडिकल कॉलेज जल्दBBMB में भर्तियां खोलने का केंद्र का कदम पंजाब के दरियाओं के पानी पर कब्ज़ा करने की कोशिश है: बलतेज पन्नूPunjab News: होशियारपुर के कंडी क्षेत्र में 70 साल बाद बनेंगी शानदार सड़कें, सीएम भगवंत मान ने 150 करोड़ के विकास कार्यों का किया उद्घाटनदीपक बाली का BJP और केंद्र पर तीखा हमला, बोले—आप नेताओं को डराने की साजिश
Friday, 17 April 2026
Menu

“अकाल तख़्त साहिब की दुरुपयोग कर अपने खासम-खास को बचाने के लिए उतावले हैं बादल : Prof. Sarchand Singh Khayla”

सिख चिंतक प्रोफेसर सरचंद सिंह ख्याला ने कहा है कि बादलों के ‘जथेदार’ ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को 15 जनवरी को तलब किया जाना, दरअसल सुखबीर सिंह बादल के खासम-खास और 328 पावन स्वरूपों के मामले में गिरफ्तार एस.एस. कोहली को बचाने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। प्रोफेसर ख्याला ने स्पष्ट किया कि यह फैसला न केवल पंथिक परंपराओं के खिलाफ है, बल्कि सिख इतिहास और मर्यादा का भी खुला उल्लंघन है।

श्री अकाल तख़्त साहिब में ‘तलब करने’ की कोई परंपरा नहीं

  उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख़्त साहिब में किसी भी व्यक्ति को तलब करने की कोई ऐतिहासिक परंपरा नहीं रही है। यदि किसी से कोई भूल हुई हो, तो उसे ताड़ना या मार्गदर्शन दिया जा सकता है, लेकिन तलब करना कभी भी पंथिक मर्यादा का हिस्सा नहीं रहा।

अकाली दल इतिहास दोहरा रहा है

  प्रोफेसर ख्याला ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अकाली दल वही इतिहास दोहरा रहा है, जिसने पहले भी पंथ को संकट में डाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि 328 पावन स्वरूपों के मामले में अपने करीबी व्यक्ति को बचाने और एसआईटी की कानूनी कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए ‘धार्मिक अवज्ञा’ का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संगत सब देख रही है और भली-भांति समझती है कि यह श्री अकाल तख़्त साहिब के दुरुपयोग का प्रयास है।

जांच समिति की रिपोर्ट के दोषी को बचाने की कोशिश

  प्रोफेसर ख्याला ने कहा कि एक ओर अकाली नेतृत्व श्री अकाल तख़्त साहिब की सर्वोच्चता की बात करता है, जबकि दूसरी ओर उसी तख़्त साहिब द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बचाने के लिए हर हथकंडा अपनाया जा रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि एसजीपीसी स्वयं उस व्यक्ति को दोषी मानते हुए कार्रवाई का प्रस्ताव पारित कर चुकी है

गुरु की गोलक के राजनीतिक दुरुपयोग पर सवाल

  उन्होंने कहा कि गुरु की गोलक में माया न डालने को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। अतीत में कई मिशनरी प्रचारकों और सिख विद्वानों ने अकालियों द्वारा गुरु की गोलक के राजनीतिक दुरुपयोग पर आपत्ति जताई है।

खालसाई मर्यादा पर स्पष्ट रुख

खालसाई मर्यादा को लेकर प्रोफेसर ख्याला ने कहा कि सिखों के पाँच तख़्तों और श्री दरबार साहिब में प्राचीन खालसाई रहित मर्यादा का पालन अनिवार्य है

कीर्तन और साबत सूरत का मुद्दा

  कीर्तन के सवाल पर उन्होंने कहा कि इतिहास में साबत सूरत न होने वाले लोग भी कीर्तन करते आए हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में सिंधी समुदाय और पाकिस्तान में सिंधी व हिंदू समुदाय श्रद्धा के साथ गुरुद्वारों में कीर्तन करते हैं, भले ही वे साबत सूरत न हों।

‘पंथ-प्रवाण’ रहित मर्यादा अब भी मसौदा

  प्रोफेसर ख्याला ने स्पष्ट किया कि जिस रहित मर्यादा को ‘पंथ-प्रवाण’ बताकर प्रचारित किया जा रहा है, वह अब तक केवल एक मसौदा है और उसे पूर्ण पंथिक स्वीकृति आज तक नहीं मिली है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *