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Wednesday, 30 September 2026
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वित्तीय बिल 2026 पर मलविंदर कंग का हमला: “खोखले दावे, जमीनी हकीकत चिंताजनक”

आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद Malvinder Singh Kang ने वित्तीय बिल 2026 पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में सरकार द्वारा किए गए आर्थिक सुधारों और विकास के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते।

कंग ने कहा कि जहां एक ओर सरकार देश को “टॉप 5 अर्थव्यवस्था” बताने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रति व्यक्ति आय 142वें स्थान पर पहुंच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई अपने चरम पर है, रुपया लगातार गिर रहा है और आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।

किसानों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कंग ने कहा कि “आय दोगुनी” करने का वादा पूरी तरह विफल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है—खाद, कीटनाशक और डीजल सभी महंगे हो गए हैं—जिससे किसानों की हालत और खराब हुई है।

कॉर्पोरेट नीतियों पर सवाल उठाते हुए कंग ने आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपतियों के लाखों करोड़ रुपये के कर्ज एनपीए घोषित कर माफ किए गए, जबकि किसान अब भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि सरकार की प्राथमिकता किसके साथ है। कंग ने Agniveer Scheme की भी कड़ी आलोचना की और इसे युवाओं के भविष्य के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना बेरोजगारी और सामाजिक अस्थिरता को बढ़ा रही है और युवाओं को गलत रास्तों की ओर धकेल रही है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मुद्दे पर कंग ने भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की डील्स से देश के किसानों—खासकर हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के उत्पादकों—की आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने सीमा पार व्यापार को लेकर भी बड़ा मुद्दा उठाया। कंग ने कहा कि जहां मुंबई-कराची रूट से बड़े पैमाने पर व्यापार जारी है, वहीं अमृतसर-लाहौर (वाघा बॉर्डर) व्यापार मार्ग बंद पड़ा है। उन्होंने मांग की कि इस रूट को खोला जाए, जिससे उत्तर भारत के किसानों को सीधा लाभ मिल सके।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर बोलते हुए कंग ने कहा कि मनरेगा जैसी योजनाओं को कमजोर करना गरीब और मजदूर वर्ग के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने में सरकार की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए। अपने संबोधन के अंत में कंग ने कहा कि “मनरेगा को कमजोर करना मजदूरों पर हमला है, अग्निवीर योजना युवाओं पर हमला है और गलत व्यापार नीतियां किसानों पर हमला हैं। देश का वास्तविक विकास तभी संभव है जब किसान, मजदूर और युवा सुरक्षित और मजबूत हों।”

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