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Sunday, 08 November 2026
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पंजाब पर पड़ेगा 200 करोड़ का अतिरिक्त बोझ! हिमाचल सरकार ने हाइड्रो पावर पर लगाया नया सेस

जल सेस को अदालत और केंद्र सरकार से झटका लगने के बाद अब हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स पर नया कर लगाते हुए 2% ‘भूमि मालिया सेस’ लागू कर दिया है। इस फैसले से पंजाब पर करीब 200 करोड़ रुपए सालाना का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। वहीं, भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) के अधीन चल रहे तीन प्रमुख प्रोजेक्ट्स पर कुल 433.13 करोड़ रुपए सालाना का भार आएगा, जिसकी भरपाई आगे चलकर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सरकारों को करनी होगी। BBMB ने हिमाचल सरकार के इस फैसले पर औपचारिक आपत्ति दर्ज करा दी है। इससे पहले 24 दिसंबर 2025 को पंजाब सरकार ने भी अपनी लिखित आपत्तियां BBMB को भेज दी थीं। 3 जनवरी की बैठक में CM ने साफ कर दिया रुख हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 3 जनवरी को पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में स्पष्ट कर दिया कि हाइड्रो प्रोजेक्ट्स पर भूमि मालिया सेस देना ही होगा। हिमाचल सरकार का कहना है कि यह सेस गैर-कृषि भूमि उपयोग के तहत लगाया गया है। पहले जल सेस लगाया, अदालत ने कर दिया था खारिज हिमाचल सरकार ने इससे पहले 16 मार्च 2023 को हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स पर जल सेस लागू किया था। उस समय सिर्फ पंजाब पर ही करीब 400 करोड़ रुपए सालाना का बोझ पड़ने वाला था। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस जल सेस को गैर-कानूनी करार दिया और मार्च 2024 में हाईकोर्ट ने भी इसे असंवैधानिक घोषित कर दिया। उस दौरान हिमाचल सरकार का लक्ष्य राज्य के 188 हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से करीब 2000 करोड़ रुपए जल सेस के रूप में वसूलने का था। 12 दिसंबर 2025 को जारी हुआ नया गजट नोटिफिकेशन अदालती फैसले के बाद हिमाचल सरकार ने नया रास्ता अपनाते हुए 12 दिसंबर 2025 को गजट नोटिफिकेशन जारी कर हाइड्रो प्रोजेक्ट्स पर 2% भूमि मालिया सेस लागू कर दिया। नोटिफिकेशन के बाद हिमाचल सरकार ने सभी हिस्सेदार राज्यों से आपत्तियां भी मांगी थीं। पंजाब सरकार की आपत्तियां
  • हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स व्यवसायिक नहीं बल्कि जनहित परियोजनाएं हैं
  • भूमि अधिग्रहण के समय पूरा मुआवजा पहले ही दिया जा चुका है
  • भूमि मालिया सेस सिर्फ जमीन की कीमत पर लगाया जाना चाहिए, न कि पूरे प्रोजेक्ट की लागत पर
  • पंजाब ने इसे संघीय ढांचे और राज्यों के अधिकारों के खिलाफ भी बताया है।
BBMB के तीन बड़े प्रोजेक्ट्स पर सबसे ज्यादा असर हिमाचल सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार:
  • भाखड़ा डैम (परियोजना लागत 11,372 करोड़ रुपए), 227.45 करोड़ रुपए सालाना सेस
  • पोंग डैम (लागत 2,938.32 करोड़ रुपए), 58.76 करोड़ रुपए सालाना
  • ब्यास-सतलुज लिंक प्रोजेक्ट (लागत 7,345.8 करोड़ रुपए) 146.91 करोड़ रुपए सालाना
  • इन तीनों पर कुल 433.13 करोड़ रुपए सालाना का भार पड़ेगा।
शानन हाइडल प्रोजेक्ट पर भी अलग बोझ इसके अलावा पंजाब पावरकॉम के शानन हाइडल प्रोजेक्ट पर भी 16.32 करोड़ रुपए सालाना का अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाला गया है। वहीं अब BBMB और प्रभावित राज्य इस मामले को लेकर कानूनी और संवैधानिक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा केंद्र सरकार और अदालत तक फिर पहुंच सकता है।

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