Live
केंद्र सरकार डील करते समय कृषि उत्पादों को समझौते से बाहर रखना चाहिए: मनप्रीत सिंह इयालीपंजाब की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत 6 महीनों में 914 मरीज़ों को ₹4.15 करोड़ का कैशलेस स्ट्रोक उपचार प्रदान किया गयाCM भगवंत मान ने नए पदाधिकारियों को दी बधाई, ‘रंगला पंजाब’ टीम में किया स्वागतपंजाब में बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया हुई आसान, सरकार ने शुरू कीं 16 नई दत्तक ग्रहण एजेंसियांपंजाब-हरियाणा में टोल टैक्स महंगा, 8 टोल प्लाजा पर नई दरें लागूअमेरिका में पंजाबी ट्रक ड्राइवर को 4 साल 8 महीने की जेल, सड़क हादसे में 3 लोगों की हुई थी मौतकर्मचारी संगठनों से मिले वित्त मंत्री हरपाल चीमा, भर्ती, प्रमोशन और नियमितीकरण समेत मांगों पर हुई चर्चापंजाब के टेक्सटाइल क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद; उद्यमियों को निवेश करना चाहिए, सरकार पूरा समर्थन देगी: CM भगवंत सिंह मान*केंद्र सरकार डील करते समय कृषि उत्पादों को समझौते से बाहर रखना चाहिए: मनप्रीत सिंह इयालीपंजाब की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत 6 महीनों में 914 मरीज़ों को ₹4.15 करोड़ का कैशलेस स्ट्रोक उपचार प्रदान किया गयाCM भगवंत मान ने नए पदाधिकारियों को दी बधाई, ‘रंगला पंजाब’ टीम में किया स्वागतपंजाब में बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया हुई आसान, सरकार ने शुरू कीं 16 नई दत्तक ग्रहण एजेंसियांपंजाब-हरियाणा में टोल टैक्स महंगा, 8 टोल प्लाजा पर नई दरें लागूअमेरिका में पंजाबी ट्रक ड्राइवर को 4 साल 8 महीने की जेल, सड़क हादसे में 3 लोगों की हुई थी मौतकर्मचारी संगठनों से मिले वित्त मंत्री हरपाल चीमा, भर्ती, प्रमोशन और नियमितीकरण समेत मांगों पर हुई चर्चापंजाब के टेक्सटाइल क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद; उद्यमियों को निवेश करना चाहिए, सरकार पूरा समर्थन देगी: CM भगवंत सिंह मान*
Thursday, 16 July 2026
Menu

NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हरियाणा के Hisar जिले के बरवाला क्षेत्र स्थित गांव ढाणी खान बहादुर से एक दुखद मामला सामने आया है। 19 वर्षीय छात्रा सिमरन की मौत हो गई। वह डॉक्टर बनने का सपना लेकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। अंतिम संस्कार के बाद परिवार गहरे सदमे में है, जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल है।

परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार सिमरन पढ़ाई में बेहद होनहार थी और बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती थी। उसने गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई की और दसवीं व बारहवीं की परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त किए थे। वह कृषि क्षेत्र की पढ़ाई के लिए प्रवेश परीक्षा भी पास कर चुकी थी, लेकिन उसका लक्ष्य एमबीबीएस कर डॉक्टर बनना था। अपने सपने को पूरा करने के लिए वह राजस्थान के Sikar में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। उसने पहले भी परीक्षा दी थी, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद दोबारा तैयारी कर रही थी।

पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्रा की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सिमरन के पिता महावीर ने बताया कि बेटी का सपना डॉक्टर बनकर परिवार और समाज का नाम रोशन करना था। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा के लिए परिवार लगातार मेहनत कर रहा था और उनकी बेटी पढ़ाई को लेकर गंभीर थी।

यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव, विद्यार्थियों की मानसिक भलाई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ भावनात्मक और मानसिक सहयोग मिलना भी उतना ही जरूरी है, ताकि वे कठिन परिस्थितियों और तनाव का बेहतर तरीके से सामना कर सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *