Live
‘संगत’ की परिकल्पना युवाओं द्वारा, युवाओं के लिए की गई है, ताकि आपसी सहयोग और स्वस्थ विकल्पों को बढ़ावा दिया जा सके: हरजोत सिंह बैंस•पंजाब विधानसभा ने विद्यार्थियों के लिए खोले द्वार; CM भगवंत सिंह मान ने उन्हें बड़े सपने देखने के लिए किया प्रेरित•पंजाबियों के खिलाफ भाजपा की भेदभाव वाली राजनीति के गंभीर नतीजे होंगे, पार्टी को अपना तरीका बदलना चाहिए: कुलदीप धालीवाल•राजा वड़िंग के बयान ने 2027 के लिए कांग्रेस का ‘जनविरोधी’ एजेंडा किया सार्वजनिक, सत्ता में आए तो मान सरकार की मुफ्त सुविधाएं करेंगे बंद: बलतेज पन्नू•अगर 2027 में गलती से भी कांग्रेस सत्ता में आ गई, तो वह फ्री बिजली, ₹10 लाख का हेल्थ कवर और महिलाओं की वित्तीय मदद छीन लेगी: अमन अरोड़ा•बिहार, गुजरात, राजस्थान और गोवा में भाजपा सरकार, अमित शाह बताए वहां नशा क्यों बढ़ रहा?- केजरीवाल•‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान अंतिम चरण में: दोआबा में नशे के हॉटस्पॉट पर कार्रवाई के लिए नशा मुक्ति मोर्चा सक्रिय•विधानसभा में परविंदर झोटा को श्रद्धांजलि, स्पीकर संधवां ने बताया अमूल्य योगदान•‘संगत’ की परिकल्पना युवाओं द्वारा, युवाओं के लिए की गई है, ताकि आपसी सहयोग और स्वस्थ विकल्पों को बढ़ावा दिया जा सके: हरजोत सिंह बैंस•पंजाब विधानसभा ने विद्यार्थियों के लिए खोले द्वार; CM भगवंत सिंह मान ने उन्हें बड़े सपने देखने के लिए किया प्रेरित•पंजाबियों के खिलाफ भाजपा की भेदभाव वाली राजनीति के गंभीर नतीजे होंगे, पार्टी को अपना तरीका बदलना चाहिए: कुलदीप धालीवाल•राजा वड़िंग के बयान ने 2027 के लिए कांग्रेस का ‘जनविरोधी’ एजेंडा किया सार्वजनिक, सत्ता में आए तो मान सरकार की मुफ्त सुविधाएं करेंगे बंद: बलतेज पन्नू•अगर 2027 में गलती से भी कांग्रेस सत्ता में आ गई, तो वह फ्री बिजली, ₹10 लाख का हेल्थ कवर और महिलाओं की वित्तीय मदद छीन लेगी: अमन अरोड़ा•बिहार, गुजरात, राजस्थान और गोवा में भाजपा सरकार, अमित शाह बताए वहां नशा क्यों बढ़ रहा?- केजरीवाल•‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान अंतिम चरण में: दोआबा में नशे के हॉटस्पॉट पर कार्रवाई के लिए नशा मुक्ति मोर्चा सक्रिय•विधानसभा में परविंदर झोटा को श्रद्धांजलि, स्पीकर संधवां ने बताया अमूल्य योगदान•
Friday, 23 October 2026
Menu

Amit Shah की मोगा रैली से पहले, मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब भाजपा नेताओं से पूछा: क्या आप पंजाब के हक की मांग करेंगे या चुप रहेंगे?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 14 मार्च को मोगा में की राजनीतिक रैली से पहले, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा  ने भाजपा की केंद्र सरकार से कई तीखे सवाल पूछे और पंजाब से अपील की रैली के दौरान भाजपा नेता अमित शाह से साफ जवाब मांगें।

 

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार पिछले कई सालों से पंजाब के साथ लगातार भेदभाव कर रही है और उसके साथ सौतेली माँ जैसा बर्ताव कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में आप सरकार के चार साल होने के बावजूद, केंद्र ने बार-बार जायज़ फंड रोके हैं और राज्य की आर्थिकता को कमज़ोर करने की कोशिश की है। मंत्री चीमा ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई से लेकर देश का पेट भरने तक, पंजाब हमेशा चट्टान की तरह देश के साथ खड़ा रहा है। पंजाबियों ने भारत की आज़ादी के लिए बहुत कुर्बानियां दीं और हरित क्रांति के बाद देश की खाद्य सुरक्षा में बहुत बड़ा योगदान दिया। लेकिन आज, भाजपा की केंद्र सरकार जानबूझकर पंजाब को नज़रअंदाज़ कर रही है।

 

पंजाब के मंत्री ने कहा कि पंजाब के किसानों के बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के बाद, भाजपा लीडरशिप में पंजाब के प्रति रंजिश पैदा हो गई है और तब से वे राज्य को आर्थिक रूप से कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं।

 

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र ने रूरल डेवलपमेंट फंड (आडीएफ) समेत कई स्कीमों के तहत पंजाब के हज़ारों करोड़ रुपये रोक रखे हैं।

 

उन्होंने याद दिलाया कि 2022 में केंद्र सरकार ने इस बात पर एतराज़ जताया था कि आरडीएफ के पैसे का गलत इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने तुरंत कानून में बदलाव करके यह पक्का किया कि आरडीएफ फंडों का इस्तेमाल सिर्फ़ ग्रामीण मंडियों और खेती से जुड़ी गांव की सड़कों के लिए ही किया जाएगा। इसके बावजूद, केंद्र पंजाब का बकाया रोके हुए है।

 

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मीटिंग में बार-बार ये बातें उठाई हैं और ग्रामीण विकास निधि, नेशनल हेल्थ मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पंजाब के बकाया फंड जारी करने की मांग की है। लेकिन, केंद्र ने किसी न किसी बहाने पेमेंट में लगातार देरी की है।

 

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने पानी के संसाधनों पर पंजाब के हक को भी कमज़ोर करने की कोशिश की है। एसवाईएल नहर के मुद्दे और भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) से जुड़े झगड़ों का ज़िक्र करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र ने बार-बार पानी में पंजाब का सही हिस्सा कम करने की कोशिश की है। चीमा ने कहा कि पंजाब ने हरियाणा समेत पड़ोसी राज्यों से किए अपने वादे हमेशा पूरे किए हैं, लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार ऐसे फैसले ले रही है जो पंजाब के अधिकारों के लिए खतरा हैं। पंजाब अपने जायज़ दावों से कभी समझौता नहीं करेगा।

 

एक और चिंता ज़ाहिर करते हुए, हरपाल सिंह चीमा ने सवाल किया कि क्या खेती में प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचाएगा। अमेरिकी कृषि मंत्री की उस टिप्पणी का ज़िक्र करते हुए जिसमें कहा गया था कि भारतीय बाज़ार तक पहुँच से अमेरिकी किसानों को फ़ायदा होगा, उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी किसान भारतीय बाज़ार तक पहुँच बनाकर तरक्की करते हैं, तो क्या इसका मतलब है कि पंजाब के किसानों को नुकसान होगा? इस देश के लोग जवाब के हक़दार हैं।

 

हरपाल सिंह चीमा ने यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि मोदी सरकार बाहरी दबाव को भारतीय किसानों और व्यापारियों पर असर डालने वाले आर्थिक फ़ैसले लेने दे रही है, जिससे लाखों लोगों की रोज़ी-रोटी खतरे में पड़ सकती है।

 

उन्होंने सुनील जाखड़, रवनीत सिंह बिट्टू और अश्वनी शर्मा समेत पंजाब भाजपा नेताओं से अपील की कि वे हिम्मत दिखाएँ और रैली के दौरान सीधे अमित शाह के सामने पंजाब की चिंताएं उठाएं। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अगर उन्हें सच में पंजाब की परवाह है, तो उन्हें अमित शाह से सभी बकाया फ़ंड, आरडीएफ बकाया, नेशनल हेल्थ मिशन फ़ंड, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पैसे के साथ-साथ जीएसटी  लागू होने के बाद पंजाब को हुए आर्थिक नुकसान का मुआवज़ा माँगना चाहिए।

 

उन्होंने यह भी मांग की कि केंद्र पंजाब के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपये के बाढ़ राहत पैकेज को जारी करे और भयानक बाढ़ के बाद पंजाब सरकार द्वारा अनुमानित 20,000 करोड़ रुपये के नुकसान के मुआवजे के लिए समय सीमा स्पष्ट करे।

 

हरपाल सिंह चीमा ने आगे सवाल किया कि केंद्र ने पाकिस्तान के साथ पंजाब की 550 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा को मजबूत करने के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता क्यों नहीं दी, जो सीमा पार से नशा तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

 

मंत्री ने ग्रामीण रोजगार योजनाओं में किए गए बदलावों की भी आलोचना की, जिससे गरीब और दलित परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत लगभग 70 प्रतिशत श्रमिक अनुसूचित जाति के परिवारों से हैं और मांग की कि इस योजना का मूल ढांचा बहाल किया जाए ताकि कमजोर परिवारों की रोजी-रोटी न छिन जाए। मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग बहुत करीब से देख रहे हैं। कल की रैली नारे या राजनीतिक नाटक के बारे में नहीं होनी चाहिए। भाजपा नेतृत्व को पंजाब के जायज सवालों का जवाब देना चाहिए और राज्य को मिलने वाले फंड को तुरंत जारी करना सुनिश्चित करना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *