Live
1 मई से पंजाब में कम होंगे बिजली कट, मंत्री संजीव अरोड़ा का बड़ा ऐलाननिलंबित DIG भुल्लर पर ईडी का बड़ा एक्शन, पंजाब और चंडीगढ़ में 11 ठिकानों पर छापेमारीPunjab में बदलेगा मौसम का मिजाज: बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारीArvind Kejriwal का बड़ा ऐलान: जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में नहीं होंगे पेशBhagwant Mann सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत गंभीर हालत में जन्मी नवजात बच्ची के स्वस्थ होने से डॉक्टरों की चिंता उम्मीद में बदलीAAP नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा “पंजाब के गद्दारों” के खिलाफ राज्यव्यापी प्रदर्शन, दलबदलू संसद सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग‘‘AAP’ ने पंजाब से गद्दारी करने वाले सातों सांसदों की सदस्यता रद्द करने के लिए राज्यसभा के सभापति व उपराष्ट्रपति को भेजी याचिका- संजय सिंहकुरुक्षेत्र में शादी के 3 साल बाद पहली बार ससुराल पहुंचे CM भगवंत मान, पत्नी और लाडली बेटी संग निभाई ‘फेरा’ रस्म1 मई से पंजाब में कम होंगे बिजली कट, मंत्री संजीव अरोड़ा का बड़ा ऐलाननिलंबित DIG भुल्लर पर ईडी का बड़ा एक्शन, पंजाब और चंडीगढ़ में 11 ठिकानों पर छापेमारीPunjab में बदलेगा मौसम का मिजाज: बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारीArvind Kejriwal का बड़ा ऐलान: जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में नहीं होंगे पेशBhagwant Mann सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत गंभीर हालत में जन्मी नवजात बच्ची के स्वस्थ होने से डॉक्टरों की चिंता उम्मीद में बदलीAAP नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा “पंजाब के गद्दारों” के खिलाफ राज्यव्यापी प्रदर्शन, दलबदलू संसद सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग‘‘AAP’ ने पंजाब से गद्दारी करने वाले सातों सांसदों की सदस्यता रद्द करने के लिए राज्यसभा के सभापति व उपराष्ट्रपति को भेजी याचिका- संजय सिंहकुरुक्षेत्र में शादी के 3 साल बाद पहली बार ससुराल पहुंचे CM भगवंत मान, पत्नी और लाडली बेटी संग निभाई ‘फेरा’ रस्म
Monday, 27 April 2026
Menu

Amit Shah का सख्त statement: “infiltrators का पता लगाएंगे और country से निकालेंगे”, voting rights सिर्फ Indian को

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने देश में अवैध घुसपैठ (infiltration) और मतदाता सूची (voter list) संशोधन को लेकर कड़ा रुख पेश किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को भी बिना रोक-टोक भारत में आने दिया गया तो हमारा देश “धर्मशाला” (guesthouse) बन जाएगा, इसलिए घुसपैठ को राजनीतिक रक्षा नहीं मिलनी चाहिए — उन्हें पहचानो, वोटर लिस्ट से हटाओ और देश से निकास करो (detect, delete and deport)।

कहाँ और कब कहा?

शाह के ये बयान दो अलग-अलग मौकों पर आए:

  1. एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम में उन्होंने घुसपैठ और SIR (Special Intensive Revision) पर बात की।
  2. 8 अगस्त 2025 को बिहार के सीतामढ़ी (Punaura Dham) में माता जानकी/जापनी मंदिर के भूमि-पूजन के दौरान भी उन्होंने वही बातें दोहराईं और कहा कि जो भारत में पैदा नहीं हुए, उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं होना चाहिए। इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी CM सम्राट चौधरी भी मौजूद थे।

शाह ने क्या कहा — आसान भाषा में (मुख्य बिंदु)

  • घुसपैठियों और शरणार्थियों (refugees) में फर्क बताया: जिन लोगों पर धार्मिक उत्पीड़न हुआ और वे शरण के लिए आए, वे अलग हैं; पर जो आर्थिक वजह या अन्य कारणों से अवैध तरीके से भारत में आते हैं, वे घुसपैठिये हैं।
  • सरकार और चुनाव आयोग SIR (Special Intensive Revision) कर रहे हैं — यह मतदाता सूची साफ करने की प्रक्रिया है। शाह ने कहा कि SIR को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए क्योंकि यह चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है।
  • वोट देने का अधिकार सिर्फ भारतीय नागरिकों को होना चाहिए — जो विदेश में पैदा हुए या अवैध तरीके से आए लोग हैं, उन्हें वोट नहीं देना चाहिए। शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे घुसपैठियों की रक्षा कर रहे हैं क्योंकि वे उनका “vote bank” हैं।
  • भाजपा की नीति के रूप में “Detect, Delete and Deport” की बात दोहराई गई — यानी पहचान, मतदाता सूची से हटाना और देश से निष्कासन।

शाह ने किसका नाम लिया?

शाह ने सीधे तौर पर विपक्षी नेताओं को आड़े हाथों लिया — उन्होंने लालू प्रसाद यादव और राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि ये नेता घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं क्योंकि वे उनका वोट बैंक हैं। इस बात को उन्होंने सीतामढ़ी के कार्यक्रम में दुहराया।

सरकार का स्टैंड और सरकारी प्रेस नोट

गृह मंत्रालय/सरकारी प्रेस (PIB) में भी शाह ने ‘Infiltration, Demographic Change and Democracy’ जैसे विषयों पर भाषण दिया और कहा कि अवैध घुसपैठ देश की सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान के लिए खतरा है। साथ ही उन्होंने CAA (Citizenship Amendment Act) का जिक्र करते हुए कहा कि किसी-किसी समुदाय के शरणार्थियों के अधिकारों का अलग से ध्यान रखा गया है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया (सारांश)

विपक्षी दलों ने SIR और मतदाता सूची में बदलाव पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि ऐसे कदमों का राजनीतिक उद्देश्‍य भी हो सकता है। शाह का आरोप है कि विपक्ष ही SIR का विरोध इसलिए कर रहा है ताकि उनका वोट बैंक सुरक्षित रहे; वहीं विपक्ष का कहना है कि किसी भी नागरिक को गलत तरीके से हटाया न जाए। (बातचीत में कोर्ट जाने का विकल्प भी सुझाया गया)।

सन्दर्भ और प्रसंग

  • शाह ने यह मुद्दा बिहार चुनाव और वहां चल रहे SIR बहस के बीच उठाया — Sitamarhi में माता जानकी मंदिर के विकास के मौके पर यह बयान राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।
  • कई मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी नोटिसों में शाह के “detect, delete and deport” और SIR समर्थन वाले बयानों को कवर किया गया है — ये बयान हाल के सार्वजनिक कार्यक्रमों (अगस्त–अक्टूबर 2025) में आए।

क्या हुआ अब तक — एक नज़र में

  • गृह मंत्री ने SIR का खुलकर समर्थन किया और कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतंत्र की स्वच्छता का मुद्दा है।
  • शाह ने घुसपैठियों को पहचान कर मतदाता सूची से हटाने और निर्वासित करने की नीति पर जोर दिया।
  • सीतामढ़ी के कार्यक्रम में उन्होंनें कहा कि जो भारत में जन्मे नहीं उन्हें वोट का अधिकार नहीं होना चाहिए और कुछ लोग पड़ोसी देशों से आकर बिहार में नौकरियाँ ले रहे हैं — यह भी उनका आरोप रहा।

यह मुद्दा भारत के चुनावी और सामाजिक परिदृश्य में संवेदनशील है। शाह ने इसे ‘नेशनल सिक्योरिटी’ और ‘डेमोग्राफिक चेंज’ के नजरिए से रखा है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक एवं मानवाधिकार के रुख से देखता है। आगे क्या होगा — SIR की प्रक्रिया, कोर्ट-केसेज़ या चुनावी राजनीति — यह आगे के दिनों में स्पष्ट होगा। सरकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ शाह के बयान हालिया सार्वजनिक कार्यक्रमों में दर्ज हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *