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Wednesday, 15 April 2026
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ADA Enforcement Section में बड़ा फेरबदल, Illegal Constructions पर होगी सख्ती! AE-JE समेत कई Officers और कर्मचारियों पर कार्रवाई

आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) ने अपने प्रवर्तन अनुभाग (Enforcement Section) में बड़ा बदलाव किया है। अब अधिकारियों से लेकर सुपरवाइजरों तक के सभी कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र बदल दिए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य अवैध निर्माण (Illegal Construction) पर सख्ती करना और कामकाज में पारदर्शिता और तेजी लाना है।

एडीए के प्रवर्तन विभाग में कई शिकायतें मिली थीं कि सुपरवाइजर अपने क्षेत्रों में हो रहे अवैध निर्माण की जानकारी इंजीनियरों को नहीं दे रहे थे। कुछ सुपरवाइजरों पर अवैध निर्माण करने वालों से मिलीभगत करने का आरोप भी था। ऐसे में प्रशासन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव कर कार्य प्रणाली सुधारने का निर्णय लिया।

नई जिम्मेदारियाँ और तैनाती

उच्च अधिकारी और वार्ड ज़िम्मेदारी:

  • संयुक्त सचिव सुरेंद्र बहादुर सिंह: शाहगंज, रकाबगंज, फतेहपुर सीकरी, कोतवाली
  • नगर नियोजक ऋचा कौशिक: हरीपर्वत वार्ड 1, 2, 3 और लोहामंडी
  • अधिशासी अभियंता अनिल कुमार: ताजगंज वार्ड 1, 2 और छत्ता वार्ड 1, 2

AE/JE की नई तैनाती:

  • शाहगंज: AE प्रमोद कुमार, JE विशाल शर्मा
  • रकाबगंज: AE प्रमोद कुमार, JE धीरेंद्र कुमार
  • फतेहपुर सीकरी: AE आदर्श जैन, JE अभय कुमार
  • कोतवाली: AE आदर्श जैन, JE भानुप्रताप सिंह
  • हरीपर्वत: AE वेदप्रकाश अवस्थी, JE राजीव कुमार
  • लोहामंडी: AE सतीश कुमार, JE सरोज कुमार
  • ताजगंज वार्ड 1: AE रमन कुमार, JE विशाल शर्मा
  • ताजगंज वार्ड 2: AE सतीश कुमार, JE सरोज कुमार, JE धीरेंद्र कुमार
  • छत्ता वार्ड 1: AE प्रमोद कुमार, JE भानुप्रताप सिंह
  • छत्ता वार्ड 2: AE आदर्श जैन, JE भानुप्रताप सिंह

लिपिकों और अन्य कर्मचारियों का स्थानांतरण:

  • कनिष्ठ लिपिक अभिनव कौशिक: संपत्ति विभाग से प्रवर्तन में
  • वरिष्ठ लिपिक अब्दुल सलाम: अभियंत्रण से प्रवर्तन
  • राजस्व निरीक्षक सत्यराम: अभियंत्रण खंड से प्रवर्तन
  • कनिष्ठ लिपिक नासिर अली: प्रवर्तन से अभियंत्रण
  • कनिष्ठ लिपिक सुगम रानी: प्रवर्तन से संपत्ति
  • कनिष्ठ लिपिक मंजू जैन: प्रवर्तन से विधि अनुभाग

सुपरवाइजरों का कार्य क्षेत्र भी पूरी तरह बदल दिया गया है, ताकि वे अपने क्षेत्र में अवैध निर्माण पर ध्यान दें और समय पर रिपोर्ट करें।

प्रशासन का उद्देश्य

एडीए का कहना है कि इस बदलाव का मकसद है:

  1. अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई करना।
  2. प्रवर्तन विभाग में पारदर्शिता लाना।
  3. अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करना।
  4. कामकाज में तेजी और बेहतर निगरानी सुनिश्चित करना।

इस कदम से उम्मीद की जा रही है कि आगरा में अवैध निर्माण की समस्या पर नियंत्रण रहेगा और नागरिकों को बेहतर सेवा मिलेगी।

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