RBI की बड़ी तैयारी! 100, 200 और 500 के नोटों में आ सकता है बड़ा बदलाव
भारत में जल्द ही आपके हाथों में कागज नहीं, बल्कि प्लास्टिक के नोट नजर आ सकते हैं। जी हां, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब 100, 200 और 500 रुपये के पॉलिमर यानी प्लास्टिक नोट लाने की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
बढ़ते कैश सर्कुलेशन और फटे-पुराने नोटों की समस्या को देखते हुए RBI एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी में है। इसके तहत कुछ चुनिंदा शहरों में 100, 200 और 500 रुपये के प्लास्टिक नोट ट्रायल के तौर पर जारी किए जा सकते हैं।
इस पायलट प्रोजेक्ट का उद्देश्य यह देखना होगा कि लोग इन नोटों को कितना स्वीकार करते हैं और एटीएम मशीनों व बैंकिंग सिस्टम में ये कितने प्रभावी ढंग से काम करते हैं। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में देशभर की कागजी मुद्रा को धीरे-धीरे पॉलिमर नोटों से बदला जा सकता है।
हालांकि डिजिटल भुगतान और UPI का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन भारत में नकदी की मांग अब भी काफी अधिक है। वर्तमान में देश में लगभग 42.86 ट्रिलियन रुपये की मुद्रा प्रचलन में है, जिसका प्रबंधन RBI के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
मौजूदा कागजी नोट जल्दी गंदे हो जाते हैं, फट जाते हैं और पानी लगने से खराब भी हो सकते हैं। इसी कारण RBI को हर साल बड़ी संख्या में नोटों को बदलना पड़ता है।
अगर लागत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान बैंक नोटों की छपाई पर करीब 6,372 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए थे। वहीं पॉलिमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में 4 से 5 गुना अधिक समय तक चल सकते हैं। हालांकि इनकी शुरुआती लागत कुछ ज्यादा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में ये सरकार और RBI के लिए बड़ी बचत का कारण बन सकते हैं।
प्लास्टिक नोटों के कई अन्य फायदे भी हैं। ये पूरी तरह वाटरप्रूफ होते हैं, आसानी से नहीं फटते, गंदगी कम पकड़ते हैं और नकली नोटों को रोकने के लिए इनमें उच्च स्तरीय सुरक्षा फीचर्स जोड़े जा सकते हैं।
इसके अलावा, जब ये नोट अपनी उपयोग अवधि पूरी कर लेते हैं, तो इन्हें रीसायकल करके अन्य प्लास्टिक उत्पादों में भी बदला जा सकता है, जिससे पर्यावरण को भी फायदा मिलता है।
अब सभी की नजरें RBI के आने वाले फैसले पर टिकी हैं। यदि यह योजना सफल रही, तो भारत की मुद्रा व्यवस्था में यह एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है।

