Live
अकाली दल के कार्यालय में बुजुर्ग दलित महिला के साथ मारपीट के खिलाफ आप महिला विंग ने समराला में किया जोरदार विरोध प्रदर्शन51,979 नागरिकों की गुप्त सूचनाओं से पंजाब में नशा तस्करी से जुड़ी 25,339 गिरफ्तारियाँहाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दूसरे विवाह के बाद नहीं बदलेगा बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र पर पिता का नामपंजाब में 6 सितंबर को लगेंगे विशेष कैंप, वोटर लिस्ट से जुड़े काम होंगेजब-जब धरती पर पाप बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर अधर्म का नाश करते हैं – केजरीवालभगवंत मान सरकार की ओर से कर्मचारियों को जन्माष्टमी का तोहफा, महंगाई भत्ता बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया जाएगा‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का चौथा सीज़न कल बठिंडा से शुरू, रिकार्ड उपस्थिति की उम्मीद: बलतेज पन्नूपंजाब के सरकारी कर्मचारियों के लिए DA पर बड़ी खबर, केंद्र के बराबर Salary और DA देने को तैयार मान सरकारअकाली दल के कार्यालय में बुजुर्ग दलित महिला के साथ मारपीट के खिलाफ आप महिला विंग ने समराला में किया जोरदार विरोध प्रदर्शन51,979 नागरिकों की गुप्त सूचनाओं से पंजाब में नशा तस्करी से जुड़ी 25,339 गिरफ्तारियाँहाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दूसरे विवाह के बाद नहीं बदलेगा बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र पर पिता का नामपंजाब में 6 सितंबर को लगेंगे विशेष कैंप, वोटर लिस्ट से जुड़े काम होंगेजब-जब धरती पर पाप बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर अधर्म का नाश करते हैं – केजरीवालभगवंत मान सरकार की ओर से कर्मचारियों को जन्माष्टमी का तोहफा, महंगाई भत्ता बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया जाएगा‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का चौथा सीज़न कल बठिंडा से शुरू, रिकार्ड उपस्थिति की उम्मीद: बलतेज पन्नूपंजाब के सरकारी कर्मचारियों के लिए DA पर बड़ी खबर, केंद्र के बराबर Salary और DA देने को तैयार मान सरकार
Saturday, 05 September 2026
Menu

51,979 नागरिकों की गुप्त सूचनाओं से पंजाब में नशा तस्करी से जुड़ी 25,339 गिरफ्तारियाँ

पंजाब में नशे के ख़िलाफ़ लड़ाई में नागरिकों की भागीदारी एक महत्त्वपूर्ण ताकत के रूप में उभरकर सामने आई है, नागरिकों से मिली 51,979 गुप्त सूचनाओं की मदद से पंजाब की भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा-विरोधी एनफोर्समेंट अभियान में अधिकारियों ने 25,339 गिरफ्तारियाँ की हैं।

 

यह आंकड़े 1 मार्च 2025, जब ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान की शुरुआत की गई थी, से 03 सितंबर 2026 तक की अवधि के हैं।

 

ये गुप्त सूचनाएँ सेफ पंजाब हेल्पलाइन (97791-00200) के माध्यम से प्राप्त हुईं, इन सूचनाओं से एनफोर्समेंट एजेंसियों को संदिग्ध नशा तस्करी और इससे जुड़ी गतिविधियों के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी मिली।

 

यह तथ्य विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है कि पंजाब में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसेज (NDPS) अधिनियम के तहत दर्ज कुल 59,293 एफआईआर में से 25,000 से अधिक गिरफ्तारियाँ नागरिकों से मिली गुप्त सूचनाओं के आधार पर हुई हैं।

 

इसके अलावा, नशे के कारोबार के बड़े खिलाड़ियों पर भी कार्रवाई की गई है। आंकड़ों के अनुसार, 2 किलोग्राम से अधिक हेरोइन के साथ 696 ‘बड़ी मछलियों’ को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई केवल छोटे स्तर के नशा विक्रेताओं तक सीमित न रहकर बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई को दर्शाती है।

 

बरामदगी का आंकड़ा भी अभियान के व्यापक स्तर को दर्शाता है। एनफोर्समेंट एजेंसियों ने 3,757 किलोग्राम हेरोइन, 964 किलोग्राम अफ़ीम, 45 टन पोस्त की भूसी, 1,288 किलोग्राम गांजा और 71 किलोग्राम मेथामफेटामाइन, जिसे आमतौर पर ‘आइस’ के नाम से जाना जाता है, बरामद किया है। इसके अलावा, एनडीपीएस अधिनियम के तहत 62 लाख टैबलेट और कैप्सूल भी बरामद किए गए हैं।

 

इस एनफोर्समेंट अभियान के दौरान ₹22 करोड़ की नशीली दवाओं की बिक्री से अर्जित धनराशि अथवा नशीले पदार्थों की अवैध खरीद, बिक्री, वितरण या तस्करी के लिए रखी गई धनराशि भी ज़ब्त की गई है। इसके अलावा, नशीले पदार्थों की वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े 2,675 मामले दर्ज किए गए हैं।

 

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “गुप्त सूचनाओं ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को अतिरिक्त मज़बूती दी है और हमें पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में नागरिकों की ओर से गुप्त सूचनाएँ देने और उनके परिणामस्वरूप होने वाली गिरफ्तारियों में और अधिक भागीदारी देखने को मिलेगी।”

 

एडीजीपी एएनटीएफ पंजाब नीलाभ किशोर ने कहा, “ये आंकड़े दर्शाते हैं कि नशा विरोधी अभियान में कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ नागरिकों से प्राप्त ख़ुफ़िया जानकारी का उपयोग भी लगातार बढ़ रहा है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त 51,979 गुप्त सूचनाएँ इस बात का संकेत हैं कि आम नागरिक सक्रिय रूप से कार्रवाई के तंत्र तक महत्त्वपूर्ण जानकारी पहुँचा रहे हैं।”

 

राज्य सरकार ने नशे की लत से जूझ रहे लोगों को पुलिस के हस्तक्षेप के माध्यम से उपचार व्यवस्था से जोड़ने के लिए भी प्रयास तेज़ किए हैं। आंकड़ों के अनुसार, पुलिस द्वारा नशे की लत से जूझ रहे 42,498 लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती करवाया गया, जबकि 1,55,970 अन्य लोगों को पुलिस द्वारा आउटपेशेंट ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (OOAT) क्लीनिकों तक पहुँचाया गया।

 

इसके अलावा, एनडीपीएस अधिनियम की धारा 64A के तहत 11,239 व्यक्तियों को प्रतिरक्षा प्रदान की गई है। यह प्रावधान निर्धारित परिस्थितियों में उन नशीले पदार्थों पर निर्भर व्यक्तियों को कानूनी संरक्षण प्रदान करता है, जो स्वेच्छा से उपचार करवाते हैं। नवीनतम आंकड़े इस प्रकार नशे के ख़िलाफ़ अभियान के दोहरे दृष्टिकोण को दर्शाते हैं—एक ओर नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई और दूसरी ओर नशे के कारोबार में शामिल लोगों तथा नेटवर्क की पहचान के लिए नागरिकों एवं कानून लागू करने वाले अधिकारियों की बढ़ती भागीदारी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *