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Thursday, 03 September 2026
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सीएम मान ने पंजाब विधानसभा में पेश किया बेअदबी पर देश का सबसे सख्त कानून, उम्रकैद की सजा तक का है प्रावधान

 पंजाब विधानसभा के सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए अहम विधेयक सदन में पेश किया गया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह वॉक आउट न करे और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा में भाग ले। बिल पेश होने के बाद सदन में इस पर विचार-विमर्श शुरू हो गया है।

विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सरकार से मांग की कि पिछले वर्ष गठित सेलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट पहले सदन में पेश की जाए। उन्होंने कहा कि कमेटी को बने नौ महीने हो चुके हैं, इसलिए उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने सत्र की अवधि एक दिन बढ़ाने का सुझाव भी दिया। इस पर स्पीकर ने जवाब देते हुए कहा कि कमेटी अपना कार्य कर रही है और उचित समय पर रिपोर्ट सदन के समक्ष रखी जाएगी।

वहीं मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह एक व्यापक और पवित्र कानून है, जिसमें बेअदबी के मामलों की जांच तय समय सीमा में पूरी की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच किसी भी स्थिति में उच्च स्तर से नीचे के अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी और इसमें किसी तरह का समझौता नहीं होगा।

कैबिनेट द्वारा पहले ही मंजूर किए जा चुके इस संशोधन विधेयक में ‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम-2008’ को और मजबूत बनाने का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित संशोधन के तहत बेअदबी के दोषियों के लिए उम्रकैद जैसी कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।

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सदन में उपस्थित सभापति कुलतार सिंह संधवां।

उद्देश्य: धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता की रक्षा करना

इस सत्र में सबसे अहम मुद्दा रहा श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से जुड़ा प्रस्तावित नया कानून। कैबिनेट द्वारा पहले ही मंजूरी दिए गए इस विधेयक को अब विधानसभा में पेश किया गया है। इसका नाम ‘जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक 2026′ रखा गया है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता की रक्षा करना और बेअदबी जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना है।

संशोधन समय की जरूरत

सरकार का कहना है कि पिछले वर्षों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे समाज में गहरी नाराजगी और तनाव की स्थिति पैदा हुई है। इन घटनाओं ने न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी प्रभावित किया है। सरकार ने यह भी कहा कि मौजूदा कानूनों में ऐसे मामलों के लिए सज़ा पर्याप्त कठोर नहीं है, इसलिए सख्त संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई।

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ये तस्वीर AI द्वारा तैयार की गई है।

कई कठोर दंडात्मक प्रावधान भी हैं शामिल

प्रस्तावित संशोधन के तहत बेअदबी के मामलों में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा अन्य कठोर दंडात्मक प्रावधान भी शामिल किए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। सरकार का दावा है कि यह कानून समाज में शांति, भाईचारे और धार्मिक सम्मान को मजबूत करेगा।

मंत्रिमंडल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कदम किसी भी समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं बल्कि धार्मिक पवित्रता और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए उठाया गया है। विधेयक के अनुसार, जानबूझकर धार्मिक ग्रंथों की अवमानना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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