Live
शिमला समेत कई जिलों में भूकंप के झटके, लोगों में दहशत का माहौलभगवंत मान सरकार की हार्म-रिडक्शन सर्विसेज (नुकसान-न्यूनकरण सेवाएँ) पंजाब के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान को दे रहीं मज़बूतीमहिलाओं की खुशियों, सम्मान और अधिकारों को तीज के जश्न से जोड़ रही मान सरकार: डॉ. गुरप्रीत कौर मानगोवा-यूपी में भाजपा को हराएं, तभी E-20 वापस लेगी मोदी सरकार- केजरीवालCM भगवंत सिंह मान ने आदर्श स्कूलों के शिक्षकों के वेतन में 120 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी करने को दी मंजूरीIIT दिल्ली के छात्र का निधन दुखद, मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए – केजरीवालपंजाब के सरकारी स्कूलों पर केजरीवाल का BJP को खुला चैलेंज, बोले- ‘गुजरात के 1000 स्कूलों की लिस्ट दीजिए’केरल की 19 साल की काजिया लिज मेजो बनीं ‘मिस यूनिवर्स इंडिया 2026’, 52 प्रतियोगियों को पीछे छोड़ जीता ताजशिमला समेत कई जिलों में भूकंप के झटके, लोगों में दहशत का माहौलभगवंत मान सरकार की हार्म-रिडक्शन सर्विसेज (नुकसान-न्यूनकरण सेवाएँ) पंजाब के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान को दे रहीं मज़बूतीमहिलाओं की खुशियों, सम्मान और अधिकारों को तीज के जश्न से जोड़ रही मान सरकार: डॉ. गुरप्रीत कौर मानगोवा-यूपी में भाजपा को हराएं, तभी E-20 वापस लेगी मोदी सरकार- केजरीवालCM भगवंत सिंह मान ने आदर्श स्कूलों के शिक्षकों के वेतन में 120 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी करने को दी मंजूरीIIT दिल्ली के छात्र का निधन दुखद, मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए – केजरीवालपंजाब के सरकारी स्कूलों पर केजरीवाल का BJP को खुला चैलेंज, बोले- ‘गुजरात के 1000 स्कूलों की लिस्ट दीजिए’केरल की 19 साल की काजिया लिज मेजो बनीं ‘मिस यूनिवर्स इंडिया 2026’, 52 प्रतियोगियों को पीछे छोड़ जीता ताज
Thursday, 27 August 2026
Menu

अब शादी के लिए मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी माता-पिता या रिश्तेदार किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।

जस्टिस दीपक गुप्ता ने एक एमबीए छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करना है या नहीं, कब करनी है और किससे करनी है, यह पूरी तरह से व्यक्ति का निजी निर्णय है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह नौकरी और उच्च शिक्षा के कारण स्वतंत्र रूप से रह रही है, लेकिन उसके माता-पिता, मामा और अन्य रिश्तेदार उस पर अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।

अदालत ने कहा कि विवाह किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निजी निर्णय होता है और इस मामले में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छात्रा की शिकायत पर विचार करने, खतरे का आकलन करने और यदि उसकी जान या स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा हो तो तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इस फैसले को बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *