सुरक्षा देने में नाकाम भाजपा सरकार बेटियों की आजादी पर लगा रही पाबंदी- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश की राजधानी दिल्ली में लड़कियों को शाम 7 बजे के बाद घर से बाहर नहीं निकलने का ज्ञान देने पर भाजपा सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा देने में नाकाम भाजपा सरकार अब बेटियों की आजादी पर पाबंदी लगा रही है। जबकि उसे सीसीटीवी कैमरे लगाकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना चाहिए, लेकिन सरकार अपना निकम्मापन छिपा रही है। ‘‘आप’’ सरकार में 2.62 लाख सीसीटीवी कैमरे और 2.80 लाख स्ट्रीट लाइट्स लगाए थे। इसमें से आधे ज्यादा खराब पड़े हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं भी स्वतंत्र नागरिक हैं और उनको भी आजादी के साथ जीने का पूरा अधिकार है। सरकार को ज्ञान देने के बजाय दिल्ली के लोगों के लिए सुरक्षा का इंतजाम करना चाहिए।
मंगलवार को एक वीडियो जारी कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आस्था कुंज रेप केस के बाद से दिल्ली की छात्राएं बहुत ज्यादा आक्रोशित हैं। बहुत से महिला कॉलेजों की छात्राएं सड़कों पर हैं और अपनी सुरक्षा की मांग कर रही हैं। सरकार ने उनके जले पर नमक तब छिड़का, जब उन्होंने ऑनलाइन क्लास शुरू कर दीं। सरकार ने लड़कियों से कहा है कि शाम को घर से निकलना बंद कर दो, रात को घर से निकलना बंद कर दो। सारी पाबंदियां लड़कियों के ऊपर ही क्यों लगती हैं? सरकार अपना काम करने में नाकाम है। सरकार निकम्मी है, तो क्या वे महिलाओं के ऊपर पाबंदी लगा देंगे? सरकार को सुरक्षा देनी चाहिए और सीसीटीवी कैमरे लगाने चाहिए।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है और सरकार दिल्ली के अंदर सुरक्षा नहीं दे सकती? पूरी दिल्ली को सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क से बांध दो और उसकी रियल टाइम मॉनिटरिंग करो। सेंट्रल कमांड स्ट्रक्चर बनाकर अगर रियल टाइम मॉनिटरिंग शुरू कर दोगे और जगह-जगह डार्क स्पॉट पर स्ट्रीट लाइट लगा दोगे, तो देखना सभी महिलाएं अपने आप को सुरक्षित महसूस करने लगेंगी। जब हमारी सरकार थी, तो हमने 2,62,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए थे और 2,80,000 स्ट्रीट लाइट लगवाई थीं। आज उनमें से आधे से ज्यादा काम नहीं कर रहे हैं, उन्हें शुरू किया जाए। हर कॉलेज के अंदर दो-दो महिला पुलिस अधिकारी तैनात की जाएं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि अगर कोई बलात्कार करता है या किसी लड़की के साथ छेड़खानी करता है, तो वह तुरंत इनकी पार्टी में जाकर शामिल हो जाता है और पूरा का पूरा प्रशासन उस बलात्कारी को बचाने में लग जाता है। इससे यह मैसेज जाता है कि जो लड़कियों के साथ छेड़खानी करेगा, वह इनकी पार्टी में चला जाएगा और उसका कुछ नहीं होगा। आज हमें अपनी छात्राओं को सुरक्षा देनी पड़ेगी। महिलाओं को यह लेक्चर देना बंद करो कि 7 बजे के बाद घर से मत निकलो। वे भी इस देश की स्वतंत्र नागरिक हैं और उनके भी मौलिक अधिकार हैं। वे भी इंसान हैं। उनको भी जीने और आजादी का अधिकार है। उनको पूरी आजादी मिलनी चाहिए और यह सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें पूरी सुरक्षा दे।

