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Sunday, 13 September 2026
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Shubhanshu Shukla: Bharat के दूसरे Astronaut का Delhi में भव्य स्वागत

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार तड़के का नज़ारा बेहद खास रहा। जैसे ही भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने Axiom-4 (Ax-4) मिशन को सफलतापूर्वक पूरा कर भारत की धरती पर कदम रखा, चारों ओर खुशी की लहर दौड़ गई।

एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने के लिए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और ISRO के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बाहर बड़ी संख्या में लोग हाथों में तिरंगा लहराते और ढोल-नगाड़े बजाते नज़र आए। लोगों ने इस पल को ऐतिहासिक करार दिया और कहा कि शुक्ला अब भारत की अंतरिक्ष शक्ति का नया प्रतीक बन चुके हैं।

Ax-4 मिशन: भारत के लिए नया अध्याय

  • लॉन्च और सफर: यह मिशन 25 जून 2025 को फ्लोरिडा के Kennedy Space Centre से SpaceX Falcon-9 रॉकेट के ज़रिए लॉन्च हुआ था और अगले दिन ISS (International Space Station) से जुड़ा।
  • अनुसंधान (Research Work): शुक्ला ने लगभग 60 साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट्स किए। इनमें से कई भारतीय संस्थानों और ISRO के द्वारा डिज़ाइन किए गए थे। इनमें माइक्रोएल्गी पर रिसर्च, मेथी और मूंग दाल की खेती, टार्डिग्रेड्स (micro-organisms) का अध्ययन और “Screens in Space” जैसे एजुकेशनल डेमो शामिल थे।
  • मिशन की अवधि: शुरुआत में मिशन कुछ दिन का था, लेकिन इसे बढ़ाकर करीब 18 दिन तक अंतरिक्ष स्टेशन पर रखा गया। इसके बाद 15 जुलाई को यह मिशन सफलतापूर्वक प्रशांत महासागर में लैंडिंग के साथ समाप्त हुआ।

भारत के लिए गर्व का क्षण

शुभांशु शुक्ला ने कहा कि यह मिशन भारत के लिए “दूसरा ऑर्बिटल मिशन” है और इसने सीधे तौर पर गगनयान प्रोग्राम को मज़बूती दी है। गगनयान, जो भारत का पहला मानवयुक्त मिशन है, 2027 में लॉन्च किया जाएगा और शुक्ला का यह अनुभव उसमें बेहद मददगार साबित होगा।

शुक्ला का भावुक संदेश

भारत लौटने से पहले शुक्ला ने सोशल मीडिया पर लिखा –
जब मैं भारत लौटने वाली फ्लाइट पर बैठा हूं, तो दिल में कई तरह की भावनाएं हैं। मुझे दुख है कि मैं उन दोस्तों और टीम से दूर हो रहा हूं जो पिछले एक साल से मेरे परिवार जैसे थे। लेकिन साथ ही मुझे बेहद खुशी है कि अब मैं अपने देश लौट रहा हूं, अपने परिवार और दोस्तों से मिलने। शायद यही ज़िंदगी है – सब कुछ एक साथ।”

आगे की योजना

  • शुक्ला अब लखनऊ जाकर अपने परिवार से मिलेंगे
  • वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे और नेशनल स्पेस डे के कार्यक्रम में हिस्सा लेने की संभावना है।
  • अक्टूबर से शुक्ला की गगनयान मिशन की ट्रेनिंग शुरू हो सकती है।

क्यों खास है यह मिशन?

  • यह पहली बार था जब कोई भारतीय International Space Station (ISS) पर गया।
  • शुक्ला भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री बने। उनसे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने सोवियत मिशन में जाकर इतिहास रचा था।
  • Ax-4 मिशन ने भारत को वैश्विक स्पेस प्रोग्राम्स में और मजबूत साझेदारी दी।

शुभांशु शुक्ला की यह कामयाबी न सिर्फ उनके लिए, बल्कि पूरे देश के लिए pride moment है। यह मिशन भारत की बढ़ती हुई ताकत, वैज्ञानिक क्षमता और अंतरिक्ष अन्वेषण (space exploration) के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत को दर्शाता है।

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