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Wednesday, 02 September 2026
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Rahul Gandhi के ‘Vote Theft’ Allegations पर Election Commission का करारा जवाब – कहा, बिना Proof हटाया नहीं जा सकता किसी का नाम

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर चुनाव आयोग ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। आयोग ने साफ कहा है कि मतदाता सूची (Voter List) को लेकर किए जा रहे दावे गलत और भ्रामक हैं। किसी भी मतदाता का नाम बिना कानूनी प्रक्रिया और ठोस सबूत के सूची से नहीं हटाया जा सकता।

राहुल गांधी का आरोप

राहुल गांधी ने हाल ही में एक अभियान शुरू किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि देश के कई निर्वाचन क्षेत्रों में फर्जी और डुप्लिकेट वोटरों के नाम जोड़े गए हैं, ताकि चुनाव नतीजों को प्रभावित किया जा सके।
उन्होंने इसे “One Person, One Vote” जैसे लोकतांत्रिक सिद्धांत पर सीधा हमला बताया।

कांग्रेस का दावा है कि उनके विश्लेषण के मुताबिक, जो सार्वजनिक डेटा पर आधारित है, कर्नाटक के महादेवपुरा जैसे इलाकों में मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं। पार्टी ने यह भी मांग की है कि चुनाव आयोग डिजिटल फॉर्मेट में वोटर लिस्ट जारी करे, ताकि आम नागरिक और राजनीतिक दल उसका स्वतंत्र ऑडिट कर सकें।

चुनाव आयोग का जवाब

चुनाव आयोग ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि वोटर लिस्ट पूरी तरह कानून के अनुसार बनाई जाती है।

  • किसी नाम को हटाने, जोड़ने या सुधारने की प्रक्रिया Voter Registration Rules, 1960 के तहत होती है।
  • सिर्फ मीडिया रिपोर्ट या इंटरनेट पोस्ट देखकर बड़े पैमाने पर नाम नहीं हटाए जा सकते।
  • यदि कोई मानता है कि किसी का नाम गलत तरीके से शामिल हुआ है, तो उसे शपथपत्र और पुख्ता सबूत देना जरूरी है (नियम 20(3)(B) के तहत)।

आयोग ने चेतावनी दी कि बिना सबूत के आरोप लगाने से हजारों सही मतदाताओं का नाम खतरे में पड़ सकता है और यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए हानिकारक है।

राहुल गांधी को EC की चुनौती

चुनाव आयोग ने कहा कि जो भी लोग या पार्टियां सार्वजनिक मंचों पर आरोप लगा रहे हैं, वे अपने दस्तावेज़ी सबूत और हस्ताक्षरित घोषणा पत्र के साथ शिकायत दर्ज कराएं।
आयोग ने जोर देकर कहा – “हम हर योग्य मतदाता के साथ थे, हैं और हमेशा रहेंगे।”

EC ने रखे आंकड़े

आयोग ने ताजा आंकड़े भी जारी किए:

  • बिहार में स्पेशल रिविजन के दौरान ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर कुल 17,665 दावे और आपत्तियां मिलीं।
  • इनमें से 454 मामलों का निपटारा हो चुका है।
  • 13 दिन बीत जाने के बाद भी किसी राजनीतिक दल ने आधिकारिक दावा या आपत्ति नहीं दी।
  • नए मतदाता: 18 साल या उससे ऊपर के लोगों से 74,525 फॉर्म मिले, जिनमें 6 फॉर्म BLA (Booth Level Agents) से आए।

आयोग ने बताया कि सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा 7 दिन में होगा, दस्तावेज़ों के सत्यापन के बाद। साथ ही, 1 अगस्त 2025 को जारी ड्राफ्ट लिस्ट से किसी का नाम हटाने से पहले जांच और उचित मौका दिया जाएगा।

यह मामला अब सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया और पारदर्शिता की कसौटी पर भी खड़ा है। राहुल गांधी के आरोपों ने बहस जरूर छेड़ दी है, लेकिन चुनाव आयोग का रुख साफ है – बिना सबूत कोई कार्रवाई नहीं

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