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Tuesday, 02 June 2026
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NIA की बड़ी कार्रवाई: Jammu & Kashmir में आतंकियों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी, देश विरोधी साजिश का खुलासा

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकवाद के खिलाफ एक और सख्त कदम उठाते हुए गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में छापेमारी की। यह छापे उन लोगों के ठिकानों पर मारे गए जो पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों से जुड़े हैं और भारत में आतंक फैलाने की साजिश रच रहे हैं।

कहां-कहां हुई छापेमारी?

एनआईए ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, बारामूला, कुपवाड़ा और सोपोर जिलों में कुल 32 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ थी जो आतंकियों की मदद कर रहे थे या फिर उनके लिए काम कर रहे थे।

किन संगठनों के लोग थे निशाने पर?

जिन संगठनों से जुड़े लोगों पर छापे मारे गए, उनमें लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM), अल-बद्र जैसे आतंकी ग्रुप शामिल हैं। इनके अलावा उनके सहयोगी संगठन जैसे –

  • द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)
  • यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट जम्मू-कश्मीर (ULFJ&K)
  • मुजाहिदीन गजवत-उल-हिंद (MGH)
  • जम्मू-कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स (JKFF)
  • कश्मीर टाइगर्स
  • पीपल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (PAFF)

ये सभी ग्रुप पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे हैं और भारत में आतंक फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

क्या मिला छापेमारी में?

एनआईए की टीमों ने छापेमारी के दौरान कारतूस, एक यूज़ की गई गोली, एक बेयॉनेट (छुरीनुमा हथियार) और कई डिजिटल डिवाइस बरामद किए। इनमें आतंक से जुड़ा काफी डेटा और दस्तावेज भी मिले हैं। इनका इस्तेमाल आतंकी साजिश को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।

कैसे रची जा रही थी साजिश?

एनआईए की जांच में यह साफ हुआ है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी सोशल मीडिया और अलग-अलग ऐप्स की मदद से जम्मू-कश्मीर के युवाओं को भड़का रहे हैं। उन्हें कट्टरपंथी बना रहे हैं और OGWs (Over Ground Workers) के जरिए भारत में हथियार और ड्रग्स भेजे जा रहे हैं। ड्रोन का इस्तेमाल भी इन कामों के लिए किया जा रहा है।

कब से चल रही है जांच?

यह कार्रवाई उस केस की जांच का हिस्सा है जो एनआईए ने 21 जून 2022 को खुद संज्ञान लेकर दर्ज किया था। इसका मकसद जम्मू-कश्मीर में चल रहे आतंकवादी नेटवर्क को खत्म करना है।

कौन-कौन कर रहा था मदद?

एनआईए को इस छापेमारी में जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों का भी पूरा सहयोग मिला।

यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद के खिलाफ पूरी तरह मुस्तैद हैं और देश की शांति में खलल डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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