Live
SGPC किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे सिख संगत की है: बलतेज पन्नू•राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का चंडीगढ़ पहुंचने पर CM भगवंत मान ने किया स्वागत•पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची, हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश को दी चुनौती•पंजाब सरकार युवाओं को खेलों से जोड़कर नशा-मुक्त पीढ़ी तैयार करने के लिए खेलों को कर रही प्रोत्साहित•मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने योजनाबद्ध और टिकाऊ विकास के लिए ‘रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी बिल, 2026’ को दी हरी झंडी•पंजाब के सबसे ईमानदार CM के खिलाफ कुछ नहीं मिला, इसलिए उन्हें पिछले दरवाज़े से निशाना बनाने की कोशिश कर रही है: बलतेज पन्नू•गुटों के समझौतों पर टिका नेतृत्व कांग्रेस कार्यकर्ताओं की निराशा का कारण; संगरूर और मालवा की हुई अनदेखी: अमन अरोड़ा•मैं अपमानजनक भाषा का प्रयोग नहीं करूंगा, लेकिन हर सवाल का जवाब है मेरे पास: बलतेज पन्नू•SGPC किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे सिख संगत की है: बलतेज पन्नू•राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का चंडीगढ़ पहुंचने पर CM भगवंत मान ने किया स्वागत•पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची, हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश को दी चुनौती•पंजाब सरकार युवाओं को खेलों से जोड़कर नशा-मुक्त पीढ़ी तैयार करने के लिए खेलों को कर रही प्रोत्साहित•मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने योजनाबद्ध और टिकाऊ विकास के लिए ‘रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी बिल, 2026’ को दी हरी झंडी•पंजाब के सबसे ईमानदार CM के खिलाफ कुछ नहीं मिला, इसलिए उन्हें पिछले दरवाज़े से निशाना बनाने की कोशिश कर रही है: बलतेज पन्नू•गुटों के समझौतों पर टिका नेतृत्व कांग्रेस कार्यकर्ताओं की निराशा का कारण; संगरूर और मालवा की हुई अनदेखी: अमन अरोड़ा•मैं अपमानजनक भाषा का प्रयोग नहीं करूंगा, लेकिन हर सवाल का जवाब है मेरे पास: बलतेज पन्नू•
Wednesday, 07 October 2026
Menu

Kedarnath Dham के कपाट खुले: 108 क्विंटल फूलों से सजा मंदिर, पहले ही दिन 10 हजार श्रद्धालु पहुंचे।

Kedarnath Dham के कपाट शुक्रवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही भक्तों ने मंदिर में जल रही अखंड ज्योति के दर्शन किए। इसके बाद रुद्राभिषेक, शिवाष्टक, शिव तांडव स्तोत्र और केदाराष्टक का पाठ किया गया।

मंदिर में सबसे पहले कर्नाटक के वीरशैव लिंगायत समुदाय के मुख्य पुजारी (रावल) भीमशंकर पहुंचे। इसके बाद बाबा केदार पर छह महीने पहले चढ़ाया गया भीष्म शृंगार हटाया गया।

मंदिर को 54 किस्म के 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। इसमें नेपाल, थाईलैंड और श्रीलंका जैसे विभिन्न देशों से लाए गए गुलाब और गेंदा के फूल शामिल हैं।

पहले दिन करीब 10 हजार लोग दर्शन के लिए पहुंचे। भीड़ मैनेज करने के लिए टोकन सिस्टम से दर्शन करवाए जा रहे हैं। भक्त अब अगले 6 महीने तक दर्शन कर सकेंगे।

जून से अगस्त के बीच मौसम ठीक रहा तो इस बार 25 लाख से ज्यादा लोगों के केदारनाथ धाम पहुंचने का अनुमान है।

30 अप्रैल (अक्षय तृतीया) से चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुल गए हैं। बद्रीनाथ धाम के कपाट 4 मई को खोले जाएंगे।

क्या है बाबा का भीष्म शृंगार, जिसे करने में 5 घंटे लगते हैं

पट खुलने के बाद भीष्म शृंगार हटाया जाएगा। यह प्रक्रिया भी दिलचस्प है। सबसे पहले शिवलिंग के पास रखे गए मौसमी फल और ड्राई फ्रूट्स का ढेर हटाते हैं। इसे आर्घा कहते हैं।

फिर बाबा पर चढ़ी एक से लेकर 12 मुखी रुद्राक्ष की मालाएं निकालते हैं। इसके बाद शिवलिंग पर चारों ओर लपेटा गया सफेद कॉटन का कपड़ा हटाया जाता है।

पट बंद करते समय शिवलिंग पर 6 लीटर पिघले हुए शुद्ध घी का लेपन करते हैं, जो इस वक्त जमा होता है, इसे धीरे-धीरे शिवलिंग से निकालते हैं।

इसके बाद होता है शिवलिंग का गंगा स्नान। गोमूत्र, दूध, शहद और पंचामृत स्नान के बाद बाबा केदार को नए फूलों, भस्म लेप और चंदन का तिलक लगाकर तैयार किया जाएगा।

कपाट बंद करते समय भीष्म शृंगार में करीब 5 घंटे लग जाते हैं, लेकिन कपाट खोलने के बाद इसे आधे घंटे में हटा दिया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *