Live
भगवंत मान सरकार की ‘सेहत कार्ड’ योजना की गूंज, पटियाला शिविर में दो दिनों में 500 सदस्यों ने कराया रजिस्ट्रेशनपंजाब- महिलाओं को ₹1000 महीना, रजिस्ट्रेशन शुरू:CM बोले- पहले 9 हलकों में शुरुआत; अकाली दल ने चुन्नियों में घोटाला कियाMP Amritpal को लेकर केंद्र पहुंची भगवंत मान सरकार, सुरक्षा का हवाला देकर जेल ट्रांसफर न करने की अपीलअंबेडकर जयंती पर CM मान ने दी बड़ी सौगात, पंजाब में ‘मुख्यमंत्री मांवां-धीयां सत्कार योजना’ का आगाजपंजाब में मावां धीयां योजना की रजिस्ट्रेशन आज से:CM करेंगे शुभारंभ, जुलाई से मिलेंगे 1500 रुपए, कल से पायलट प्रोजेक्ट भी शुरूभगवंत मान सरकार बेअदबी के खिलाफ लाई सबसे सख्त कानून, इंसाफ सुनिश्चित करने के लिए उम्रकैद और 25 लाख रुपये का जुर्माना: हरपाल सिंह चीमाPunjab की मान सरकार ने बना द‍िया इतना सख्‍त कानून, बेअदबी पर अब उम्रकैद की सजा और… क्‍या है कानूनी पेचीदगियां?25 लाख का जुर्माना और उम्र कैद की सजा… क्या है जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन विधेयक?भगवंत मान सरकार की ‘सेहत कार्ड’ योजना की गूंज, पटियाला शिविर में दो दिनों में 500 सदस्यों ने कराया रजिस्ट्रेशनपंजाब- महिलाओं को ₹1000 महीना, रजिस्ट्रेशन शुरू:CM बोले- पहले 9 हलकों में शुरुआत; अकाली दल ने चुन्नियों में घोटाला कियाMP Amritpal को लेकर केंद्र पहुंची भगवंत मान सरकार, सुरक्षा का हवाला देकर जेल ट्रांसफर न करने की अपीलअंबेडकर जयंती पर CM मान ने दी बड़ी सौगात, पंजाब में ‘मुख्यमंत्री मांवां-धीयां सत्कार योजना’ का आगाजपंजाब में मावां धीयां योजना की रजिस्ट्रेशन आज से:CM करेंगे शुभारंभ, जुलाई से मिलेंगे 1500 रुपए, कल से पायलट प्रोजेक्ट भी शुरूभगवंत मान सरकार बेअदबी के खिलाफ लाई सबसे सख्त कानून, इंसाफ सुनिश्चित करने के लिए उम्रकैद और 25 लाख रुपये का जुर्माना: हरपाल सिंह चीमाPunjab की मान सरकार ने बना द‍िया इतना सख्‍त कानून, बेअदबी पर अब उम्रकैद की सजा और… क्‍या है कानूनी पेचीदगियां?25 लाख का जुर्माना और उम्र कैद की सजा… क्या है जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन विधेयक?
Wednesday, 15 April 2026
Menu

ड्रग नेटवर्क को तोड़ने के बाद ‘APP’ ने गैंगस्टरों के खिलाफ पंजाब की सबसे बड़ी “जंग” ‘गैंगस्टरों पे वार’ का किया आगाज: नील गर्ग

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रवक्ता नील गर्ग ने ड्रग नेटवर्क के खिलाफ अभियान की बड़ी सफलता के बाद संगठित अपराध के विरुद्ध पंजाब की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई ‘गैंगस्टरों पर वार’ की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने इसे गैंगस्टरवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का निर्णायक कदम बताया।

जीरो टॉलरेंस नीति: 2,000 टीमें, 12,000 पुलिसकर्मी

नील गर्ग ने बताया कि मान सरकार ने गैंगस्टरों के खिलाफ भारत का अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है। पहली बार 12,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की 2,000 टीमें पूरे पंजाब में एक साथ तलाशी और पीछा अभियान चला रही हैं। इसके साथ ही जनता से जानकारी साझा करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 जारी किया गया है।

‘हथियार छोड़ो, पंजाब छोड़ो या जेल के लिए तैयार रहो’

गर्ग ने साफ शब्दों में कहा कि गैंगस्टरों के लिए अब कोई रहम नहीं होगा। संदेश स्पष्ट है—हथियार छोड़ दो, पंजाब छोड़ दो या जेल जाने के लिए तैयार रहो। उन्होंने कहा कि यह कोई सियासी लड़ाई नहीं, बल्कि पंजाब के भविष्य की लड़ाई है।

‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ की सफलता का हवाला

नील गर्ग ने बताया कि 1 मार्च 2025 को शुरू हुए ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के 325 दिनों में करीब 32,000 एफआईआर दर्ज हुईं, हजारों नशा तस्कर गिरफ्तार किए गए और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ व ड्रग मनी जब्त की गई। उन्होंने कहा कि पंजाब में सजा की दर देश में सबसे अधिक, लगभग 86%, है।

पिछली सरकारों पर निशाना

गर्ग ने कहा कि गैंगस्टरवाद कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि यह पिछली सरकारों के दौरान पनपा। जिन सरकारों ने गैंगस्टरों को संरक्षण दिया, वही आज इस बीमारी के लिए जिम्मेदार हैं।

विदेशों में बैठे गैंगस्टरों पर भी कार्रवाई

उन्होंने खुलासा किया कि विदेशों से सक्रिय करीब 60 गैंगस्टरों की पहचान कर ली गई है और उनके स्थानीय नेटवर्क भी मैप किए जा चुके हैं। चाहे गैंगस्टर पंजाब में हो, देश में कहीं भी हो या विदेश में—किसी को बख्शा नहीं जाएगा

युवाओं से मुख्यधारा में लौटने की अपील

नील गर्ग ने गुमराह युवाओं से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटें। सरकार ऐसे युवाओं का स्वागत करेगी।

जनता से सहयोग की अपील

उन्होंने जनता से अपील की कि गैंगस्टरों से जुड़ी किसी भी जानकारी को 93946-93946 हेल्पलाइन पर साझा करें। जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और सीधे एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स तक पहुंचेगी।

विपक्ष पर तंज

विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए गर्ग ने कहा कि अमन-कानून पर सवाल उठाने से पहले उन्हें अपने शासित राज्यों की स्थिति देखनी चाहिए और पंजाब मॉडल से सीख लेनी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *