Live
मनीष सिसोदिया की सचिन पायलट को चुनौती: हम आपको पंजाब में 1,000 बेहतरीन स्कूल दिखा सकते हैं, क्या आप हमें हिमाचल प्रदेश में ऐसे 1,000 स्कूल दिखा सकते हैं?कांग्रेस लाशों पर राजनीति करना बंद करे, पंजाब 1984 में कांग्रेस की भूमिका को नहीं भूला: हरभजन सिंह ETOफिल्लौर में ‘युद्ध नशा मुक्ति’ अभियान की राज्यस्तरीय ट्रेनिंग आयोजित, 20 सितंबर से 15,000 से अधिक गांवों व वार्डों में होंगी जन-जागरूकता बैठकेंभाजपा ने अकाली-भाजपा गठबंधन बहाल करने बदले सुखबीर बादल को बेअदबी के मामलों में सुरक्षा का दिया भरोसा: आपअकाली दल-भाजपा का गठबंधन बेनकाब, सुखबीर बादल बेअदबी के केसों से बचने के लिए पंजाब के हितों से समझौता कर रहे हैं: रणबीर सिंह ढींडसाभाजपा-अकाली सरकार पंजाब की सुरक्षा में नाकाम रही, उनके शासन में श्री गुरु ग्रंथ साहिब चोरी हुए और बेअदबी की बार-बार घटनाएं हुईं: मनविंदर सिंह ग्यासपुराभारत की धमाकेदार जीत, बांग्लादेश को 40 रन से हराकर एशिया कप के फाइनल में एंट्रीपंजाब में फिर बढ़ा बिजली संकट, थर्मल प्लांटों के यूनिट बंद; लोगों को बिजली कटों का सामनामनीष सिसोदिया की सचिन पायलट को चुनौती: हम आपको पंजाब में 1,000 बेहतरीन स्कूल दिखा सकते हैं, क्या आप हमें हिमाचल प्रदेश में ऐसे 1,000 स्कूल दिखा सकते हैं?कांग्रेस लाशों पर राजनीति करना बंद करे, पंजाब 1984 में कांग्रेस की भूमिका को नहीं भूला: हरभजन सिंह ETOफिल्लौर में ‘युद्ध नशा मुक्ति’ अभियान की राज्यस्तरीय ट्रेनिंग आयोजित, 20 सितंबर से 15,000 से अधिक गांवों व वार्डों में होंगी जन-जागरूकता बैठकेंभाजपा ने अकाली-भाजपा गठबंधन बहाल करने बदले सुखबीर बादल को बेअदबी के मामलों में सुरक्षा का दिया भरोसा: आपअकाली दल-भाजपा का गठबंधन बेनकाब, सुखबीर बादल बेअदबी के केसों से बचने के लिए पंजाब के हितों से समझौता कर रहे हैं: रणबीर सिंह ढींडसाभाजपा-अकाली सरकार पंजाब की सुरक्षा में नाकाम रही, उनके शासन में श्री गुरु ग्रंथ साहिब चोरी हुए और बेअदबी की बार-बार घटनाएं हुईं: मनविंदर सिंह ग्यासपुराभारत की धमाकेदार जीत, बांग्लादेश को 40 रन से हराकर एशिया कप के फाइनल में एंट्रीपंजाब में फिर बढ़ा बिजली संकट, थर्मल प्लांटों के यूनिट बंद; लोगों को बिजली कटों का सामना
Saturday, 12 September 2026
Menu

बिट्टू ने खुद 2007-17 के अकाली-भाजपा राज और 2017-22 की नाकाम कांग्रेस सरकार की असलियत किया पर्दाफाश: बलतेज पन्नू

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के हालिया बयानों को लेकर कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल पर तीखा हमला बोला है। पन्नू ने कहा कि बिट्टू ने खुद 2007-17 के अकाली-भाजपा शासन, 2017-22 की कांग्रेस सरकार और अब बादल परिवार के साथ कुछ भाजपा नेताओं के संभावित गठबंधन के पीछे का कड़वा सच सार्वजनिक तौर पर स्वीकार कर लिया है।

शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पन्नू ने कहा कि रवनीत बिट्टू का यह बयान कि बादलों के साथ गठबंधन होने पर पंजाब में ड्रग्स और गैंगस्टरवाद की वापसी होगी, कोई सामान्य राजनीतिक टिप्पणी नहीं बल्कि एक बड़ा कबूलनामा है। इससे साफ होता है कि 2007 से 2017 के दौरान पंजाब को नशे और अपराध के दलदल में किसने धकेला।

भाजपा और कांग्रेस से सवाल

बलतेज पन्नू ने सवाल उठाया कि अगर बिट्टू को यह पता है कि पंजाब में नशा और गैंगस्टर कल्चर के लिए बादल परिवार जिम्मेदार है, तो फिर भाजपा के कुछ नेता उनके साथ गठबंधन की वकालत क्यों कर रहे हैं? पन्नू ने कहा कि इसका जवाब भाजपा के अंदर ही छिपा है।

उन्होंने कहा कि आज पंजाब भाजपा की कमान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ के हाथ में है, जबकि कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। दोनों नेता खुले तौर पर कहते हैं कि बादल परिवार के बिना भाजपा पंजाब में टिक नहीं सकती। पन्नू ने पूछा कि क्या इन्हें यह नहीं पता कि पंजाब में नशा किसने फैलाया और गैंगस्टरों को किसने संरक्षण दिया, या फिर ये सब राजनीतिक सुविधा के लिए जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया जा रहा है?

2007-17 का दौर रहा सबसे खतरनाक

पन्नू ने याद दिलाया कि 2007 से 2017 के अकाली-भाजपा शासन के दौरान पंजाब में नशा तस्करी और गैंगस्टर कल्चर अपने चरम पर था। इसी दौरान पंजाब में पहली बार बड़े पैमाने पर ‘चिट्टा’ शब्द सामने आया, एक प्रभावशाली अकाली नेता बिक्रम मजीठिया का नाम नशा तस्करी से जुड़ा, नाभा जेल ब्रेक हुआ, अमृतसर में अपनी बेटी को बचाते हुए एक एएसआई की हत्या हुई, लुधियाना में एक पुलिसकर्मी की टांग तोड़ी गई और फरीदकोट में गैंगस्टरों द्वारा एक नाबालिग लड़की का अपहरण किया गया।

कांग्रेस शासन पर भी निशाना

पन्नू ने 2017 से 2022 तक कांग्रेस शासन के दौरान रवनीत बिट्टू की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर बिट्टू को पता था कि पंजाब को नशा और गैंगस्टरवाद में कौन धकेल रहा है, तो क्या उन्होंने कभी बादल परिवार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की? क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह या चरणजीत सिंह चन्नी ने कोई ठोस कदम उठाया?

उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि उस दौर में कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल मिलकर एक-दूसरे को बचा रहे थे। कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा गुटका साहिब की कसम खाकर नशा खत्म करने के वादे केवल खोखले नारे साबित हुए।

आप सरकार में सख्त कार्रवाई

बलतेज पन्नू ने कहा कि 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से पंजाब में नशों और गैंगस्टरवाद के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई हो रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान शुरू किया है, जो अब अपने दूसरे चरण में पहुंच चुका है। पंजाब पुलिस बिना किसी राजनीतिक दबाव के गैंगस्टरों और नशा तस्करों के खिलाफ कड़ा एक्शन ले रही है।

अंत में पन्नू ने कहा कि रवनीत बिट्टू को बेबुनियाद सवाल उठाने के बजाय अपनी पार्टी के नेताओं—सुनील जाखड़ और कैप्टन अमरिंदर सिंह—से जवाब मांगना चाहिए, जो बादल परिवार के साथ गठबंधन के सबसे बड़े समर्थक हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता सब कुछ देख रही है और राज्य को बर्बाद करने वालों को दोबारा सत्ता में आने नहीं देगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *