Live
जरूरतमंदों के लिए पंजाब सरकार का बड़ा कदम, ₹1,583 करोड़ से ज्यादा की राशि जारीझारखंड में छात्रों के आंदोलन का असर, सरकार ने JSSC-CGL समेत कई भर्ती परीक्षाएं रद्द कींदक्षिणी फिलीपींस के स्कूल में गोलीबारी, छात्र ने साथी पर चलाई गोली; हमलावर ने भी की आत्महत्यारसोई गैस की e-KYC को लेकर बड़ा अपडेट, अब घर बैठे होगी KYCआप विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने राज्यपाल से की मुलाकात, अजनाला को बाढ़ से बचाने के लिए उज नदी पर डैम बनाने की मांग कीग्रामीण परिवहन को बढ़ावा देने के लिए भगवंत मान सरकार 1 माह में बेड़े में 100 विश्व स्तरीय ‘PRTC Junior” बसें शामिल करेगी: हरपाल सिंह चीमाभगवंत मान सरकार ने ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के माध्यम से पंजाब को खेलों में बनाया अग्रणी–बलतेज सिंह पन्नूमैं दिमाग़ी नक्सल हूं, क्योंकि मैं देशभक्त हूं और मुझे इस पर गर्व है- केजरीवालजरूरतमंदों के लिए पंजाब सरकार का बड़ा कदम, ₹1,583 करोड़ से ज्यादा की राशि जारीझारखंड में छात्रों के आंदोलन का असर, सरकार ने JSSC-CGL समेत कई भर्ती परीक्षाएं रद्द कींदक्षिणी फिलीपींस के स्कूल में गोलीबारी, छात्र ने साथी पर चलाई गोली; हमलावर ने भी की आत्महत्यारसोई गैस की e-KYC को लेकर बड़ा अपडेट, अब घर बैठे होगी KYCआप विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने राज्यपाल से की मुलाकात, अजनाला को बाढ़ से बचाने के लिए उज नदी पर डैम बनाने की मांग कीग्रामीण परिवहन को बढ़ावा देने के लिए भगवंत मान सरकार 1 माह में बेड़े में 100 विश्व स्तरीय ‘PRTC Junior” बसें शामिल करेगी: हरपाल सिंह चीमाभगवंत मान सरकार ने ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के माध्यम से पंजाब को खेलों में बनाया अग्रणी–बलतेज सिंह पन्नूमैं दिमाग़ी नक्सल हूं, क्योंकि मैं देशभक्त हूं और मुझे इस पर गर्व है- केजरीवाल
Tuesday, 18 August 2026
Menu

Amritsar को a ‘No-War Zone’ घोषित करने की मांग: Congress MP Randhawa ने PM Modi को लिखा पत्र

पंजाब के कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अमृतसर जिले को ‘नो-वार ज़ोन’ यानी ‘युद्ध-मुक्त क्षेत्र’ घोषित करने की अपील की है। उन्होंने यह मांग हाल ही में भारत-पाकिस्तान के बीच हुई सैन्य तनातनी के बाद की है।

रंधावा ने कहा कि अमृतसर, जहां सिखों का पवित्रतम स्थल श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) स्थित है, पूरी दुनिया के सिखों के लिए आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा, “इस शहर की पवित्रता धार्मिक सीमाओं से ऊपर है। यह शहर दुनिया को शांति, एकता और करुणा का संदेश देता है।”

क्यों उठाई यह मांग?

यह पत्र उस समय आया है जब 7 मई को भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (22 अप्रैल) में 26 लोगों की मौत के जवाब में पाकिस्तान और पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमले किए और बॉर्डर इलाकों में तीन दिन तक भारी गोलाबारी की।

रंधावा ने लिखा कि इस तरह की घटनाओं के बाद अमृतसर जैसे बॉर्डर से जुड़े शहरों पर खतरे की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि अमृतसर की सुरक्षा को लेकर सिख समुदाय और नागरिक समाज में चिंता बढ़ गई है।

क्या है रंधावा की अपील?

रंधावा ने साफ किया कि उनका यह अनुरोध किसी राजनीतिक स्वायत्तता (जैसे वेटिकन सिटी) की मांग नहीं है, बल्कि यह एक अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक मान्यता और सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास है।

उन्होंने लिखा, “आज के दौर में जब दुनिया में युद्ध और हिंसा का खतरा बढ़ रहा है, तो हमें अमृतसर जैसे आध्यात्मिक शहर को इन खतरों से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।”

उन्होंने कहा कि सिख धर्म का मूल संदेश “सरबत दा भला” (सबकी भलाई) है, और इस संदेश को दुनिया में शांति और सह-अस्तित्व के प्रतीक के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा की मांग

रंधावा ने सुझाव दिया कि जिस तरह से वेटिकन और मक्का जैसे स्थलों की सुरक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहमियत दी जाती है, उसी तरह अमृतसर को भी आध्यात्मिक दृष्टिकोण से मान्यता मिलनी चाहिए और इसकी सुरक्षा के लिए वैश्विक स्तर पर संरचनाएं बनाई जानी चाहिए।

उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि वह इस दिशा में कूटनीतिक और कानूनी पहल करे और अमृतसर को ‘नो-वार ज़ोन’ घोषित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर काम करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *