Live
अपराधियों को पालना अकाली दल की पुरानी आदत” – बलतेज पन्नू का तीखा बयानजस्सा पट्टी के बाद घुम्मण ब्रदर्स भी AAP में शामिल, CM Bhagwant Mann ने किया स्वागत1 मई से बढ़ेंगी दूध की कीमतें, Milkfed Punjab ने ₹20 प्रति किलोग्राम फैट बढ़ायाअमृतसर में ड्रग तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा, 6 किलो हेरोइन के साथ एक आरोपी गिरफ्तारराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अकेले मिलेंगे CM भगवंत सिंह मान, 5 मई को होगी अहम मुलाकातPunjab के किसानों के लिए बड़ी राहत, भगवंत मान सरकार ने पहली बार 1 May से धान की बुआई के लिए नहरी पानी की सप्लाई सुनिश्चित कीBhagwant Mann ने मोहाली में JEE Mains पास 369 Students को सम्मानित किया, पढ़ाई में आगे बढ़ रहा पंजाबरुस्तम-ए-हिन्द पहलवान प्रीतपाल फगवाड़ा ‘आप’ में शामिल मुख्यमंत्री भगवंत मान ने औपचारिक रूप से पार्टी में किया शामिलअपराधियों को पालना अकाली दल की पुरानी आदत” – बलतेज पन्नू का तीखा बयानजस्सा पट्टी के बाद घुम्मण ब्रदर्स भी AAP में शामिल, CM Bhagwant Mann ने किया स्वागत1 मई से बढ़ेंगी दूध की कीमतें, Milkfed Punjab ने ₹20 प्रति किलोग्राम फैट बढ़ायाअमृतसर में ड्रग तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा, 6 किलो हेरोइन के साथ एक आरोपी गिरफ्तारराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अकेले मिलेंगे CM भगवंत सिंह मान, 5 मई को होगी अहम मुलाकातPunjab के किसानों के लिए बड़ी राहत, भगवंत मान सरकार ने पहली बार 1 May से धान की बुआई के लिए नहरी पानी की सप्लाई सुनिश्चित कीBhagwant Mann ने मोहाली में JEE Mains पास 369 Students को सम्मानित किया, पढ़ाई में आगे बढ़ रहा पंजाबरुस्तम-ए-हिन्द पहलवान प्रीतपाल फगवाड़ा ‘आप’ में शामिल मुख्यमंत्री भगवंत मान ने औपचारिक रूप से पार्टी में किया शामिल
Friday, 01 May 2026
Menu

Tarunpreet Sondh का बड़ा हमला: “अगर हिम्मत थी तो Bittu अपने परिवार से किसी को मैदान में क्यों नहीं उतारा?”

लुधियाना लोकसभा उपचुनाव को लेकर सियासत तेज़ हो गई है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब सरकार में मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, अगर बिट्टू में वाकई हिम्मत होती तो इस चुनाव में अपने परिवार के किसी सदस्य को ही खड़ा कर देते।”

भाजपा में शामिल होकर बिट्टू ने अपने परिवार की राजनीतिक विरासत से किया धोखा”
तरुणप्रीत सोंध ने कहा कि बीजेपी ने खुद बिट्टू को चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था, लेकिन उन्हें पहले से ही अपनी हार का डर था। यही वजह रही कि उन्होंने चुनाव से दूरी बना ली। अगर बिट्टू मैदान में आते तो उनकी ज़मानत जब्त हो जाती, इसलिए वह पीछे हट गए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि पद और पावर के लालच में बिट्टू ने अपने उसूल और विरासत दोनों को छोड़ दिया। बिट्टू अब ज़मीर बेचकर भाजपा में शामिल हो गए हैं। उन्हें सिर्फ फायदा चाहिए, इसलिए वह कभी किसी पार्टी के पक्के नहीं रहे,” सोंध ने कहा।

बिट्टू ने खुद भाजपा को बताया था किसान विरोधी, अब उन्हीं के साथ?”
तरुणप्रीत सोंध ने प्रेस को रवनीत बिट्टू के पुराने बयान भी सुनाए जिसमें उन्होंने भाजपा और आरएसएस को किसान विरोधी और पंजाब विरोधी बताया था। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, क्या मजबूरी थी कि जिन लोगों को कल तक गालियां दे रहे थे, आज उन्हीं की पार्टी में जाकर बैठ गए?”
सोंध ने इशारा करते हुए कहा कि शायद भाजपा के पास बिट्टू के किसी घोटाले की फाइल है, जो उन्हें पार्टी में जाने के लिए मजबूर कर रही है।

संजीव अरोड़ा की ईमानदार छवि से घबराई कांग्रेस और बीजेपी”
तरुणप्रीत सोंध ने दावा किया कि आप के उम्मीदवार और राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा की लोकप्रियता और साफ-सुथरी छवि से कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही डरी हुई हैं। उन्होंने कहा कि संजीव अरोड़ा ने लुधियाना के लिए बतौर सांसद कई जरूरी काम करवाए हैं, जिससे जनता का भरोसा और प्यार उन्हें मिल रहा है। इसी वजह से विरोधी दल घबरा गए हैं।”

बिट्टू और उनके भाई खेल कर रहे हैं दोनों पार्टियों के साथ”
सोंध ने कहा कि रवनीत बिट्टू भाजपा में हैं और उनके भाई कांग्रेस में, फिर भी दोनों एक-दूसरे के प्रचार में जाते हैं। क्या ये दोनों मिलकर कांग्रेस और भाजपा को बेवकूफ बना रहे हैं?” उन्होंने पूछा।
उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि अगर इस बार आप जीत गई तो बिट्टू की दिल्ली में स्थिति खतरे में पड़ जाएगी और शायद उनकी कुर्सी भी चली जाए।

पहले अपना स्टैंड साफ करो बिट्टू साहब”
तरुणप्रीत सोंध ने अंत में रवनीत बिट्टू को चुनौती दी कि अगर आपको बयानबाज़ी करनी है तो पहले यह साफ करें कि आप पंजाब के साथ हैं या बीजेपी के साथ जो पंजाब के हक छीनती रही है। जब तक आप अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं करते, आपकी सारी बातें सिर्फ दिखावा हैं।”आम आदमी पार्टी इस चुनाव को पूरी ताकत से लड़ रही है और साफ कह रही है कि अब राजनीति में ईमानदारी, सेवा और जनता की भलाई को तवज्जो दी जाएगी। वहीं, दूसरी ओर विरोधियों के आरोप-प्रत्यारोप इस बात का संकेत हैं कि चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प और तीखा होने वाला है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *