Live
पंजाब की वोटर लिस्ट से किसी भी असली वोटर का नाम नहीं हटाया जाना चाहिए, आप के कार्यकर्ता हर नागरिक की मदद के लिए तैयार हैं: अमन अरोड़ापंजाब के बिजली उपभोक्ताओं को राहत, पावरकॉम ने स्पीड पोस्ट से भेजने शुरू किए बिजली बिलदिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ विवाद हाईकोर्ट पहुंचा, OTT से हटाने के फैसले को चुनौतीपंजाब सरकार का बड़ा कदम, FDDI से समझौते के जरिए फुटवियर और खेल उद्योग को मिलेगा नया बढ़ावाजंडियाला गुरु में 509 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, हरभजन सिंह ETO ने बढ़ाया हौसलाकपूरथला नगर निगम पर AAP का कब्जा, मेयर समेत तीनों प्रमुख पदों पर जीतहर महीने 1,000 रुपये और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए एस.आई.आर. फॉर्म भरें: CM भगवंत सिंह मानबादल परिवार पंजाब और सिख पंथ का सबसे बड़ा दुश्मन, उन्होंने पंजाब के सबसे बुरे दौर की सच्चाई को दबाने की कोशिश की: कुलदीप सिंह धालीवालपंजाब की वोटर लिस्ट से किसी भी असली वोटर का नाम नहीं हटाया जाना चाहिए, आप के कार्यकर्ता हर नागरिक की मदद के लिए तैयार हैं: अमन अरोड़ापंजाब के बिजली उपभोक्ताओं को राहत, पावरकॉम ने स्पीड पोस्ट से भेजने शुरू किए बिजली बिलदिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ विवाद हाईकोर्ट पहुंचा, OTT से हटाने के फैसले को चुनौतीपंजाब सरकार का बड़ा कदम, FDDI से समझौते के जरिए फुटवियर और खेल उद्योग को मिलेगा नया बढ़ावाजंडियाला गुरु में 509 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, हरभजन सिंह ETO ने बढ़ाया हौसलाकपूरथला नगर निगम पर AAP का कब्जा, मेयर समेत तीनों प्रमुख पदों पर जीतहर महीने 1,000 रुपये और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए एस.आई.आर. फॉर्म भरें: CM भगवंत सिंह मानबादल परिवार पंजाब और सिख पंथ का सबसे बड़ा दुश्मन, उन्होंने पंजाब के सबसे बुरे दौर की सच्चाई को दबाने की कोशिश की: कुलदीप सिंह धालीवाल
Thursday, 09 July 2026
Menu

पंजाब में आज से धान की DSR तकनीक से बुआई की शुरुआत: 5 लाख एकड़ का लक्ष्य, किसानों को प्रति एकड़ ₹1500 की सहायता।

पंजाब में आज से धान की सीधी बुआई शुरू हो जाएगी। यह घोषणा सीएम भगवंत मान ने की। इस बार सरकार का नया लक्ष्य इस खरीफ सीजन में 5 लाख एकड़ में डीएसआर तकनीक से धान की बुआई करना है।

डीएसआर अपनाने वाले किसानों को सरकार 1500 रुपए प्रति एकड़ की आर्थिक मदद देगी। वहीं बासमती उगाने वाले किसान भी डीएसआर तकनीक की मदद लेकर 1500 रुपए प्रति एकड़ कमा सकते हैं। सरकार का दावा है कि इससे 15-20 फीसदी पानी की बचत होगी। वहीं, मजदूरी में भी 3500 रुपए प्रति एकड़ की कमी आएगी।

113 ब्लॉक डार्क जोन में, पानी की किल्लत

पंजाब सरकार के इस समय सबसे बड़ी दिक्कत पानी के नीचे गिरता जल स्तर है, जो बहुत बड़ी समस्या है। राज्य के 113 ब्लॉक डार्क जोन हैं। पानी 600 से 700 फुट नीचे चला गया है, जबकि पहले बीस से 25 मीटर पर आसानी से पानी मिल जाता था। ऐसे में सरकार पानी बचाने के लिए धान की सीधी बिजाई पर फोकस कर रही है।

सरकार की मानें तो 2024 में 2.53 लाख एकड़ में DSR अपनाया गया था, जो 2023 के मुकाबले 47% अधिक था। 2024 में 21,338 किसानों को ₹29.02 करोड़ की सहायता दी गई थी। जबकि DSR से किसानों को दोगुना लाभ मिलेगा। 15-20% तक पानी की बचत होगी, जबकि 3,500 प्रति एकड़ की मजदूरी लागत में कटौती होगी।

दो फीसदी चावल प्रयोग करता है पंजाब

पंजाब के खाने में चावल शामिल नहीं है। कुल उत्पादन का मात्र दो फीसदी से कम चावल का प्रयोग पंजाब के लोग खाने में करते हैं। जबकि शेष सारा उत्पादक केंद्रीय अनाज भंडार में देते हैं। हालांकि गत साल धान की लिफ्टिंग को लेकर किसानों को बड़ी मुश्किल उठानी पड़ी थी। गोदामों में जगह की कमी तक आ गई थी। इस बार भी ऐसी स्थिति बन सकती है। इसके लिए सरकार शुरू से ही केंद्र और राज्य सरकार के संपर्क में है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *