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Wednesday, 15 April 2026
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जल बंटवारे पर टकराव तेज, Punjab का विरोध प्रस्ताव आज, हरियाणा सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में।

Punjab और हरियाणा के बीच पानी को लेकर विवाद और बढ़ता जा रहा है। केंद्र सरकार के निर्देश के बावजूद पंजाब ने रविवार को लगातार दूसरे दिन भी हरियाणा को भाखड़ा डैम से 4500 क्यूसेक अतिरिक्त पानी नहीं दिया। इस मुद्दे को लेकर आज सुबह 11 बजे पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने के खिलाफ प्रस्ताव लाया जा सकता है। उम्मीद है कि इस प्रस्ताव को सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के साथ-साथ विपक्षी दलों का भी समर्थन मिलेगा।

दूसरी ओर, हरियाणा सरकार सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की तैयारी में है। हालांकि, कोर्ट जाने से पहले वह पंजाब विधानसभा में पारित होने वाले प्रस्ताव का अध्ययन करेगी और कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद ही अंतिम फैसला लेगी।

इस बीच रविवार को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बीच इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई। सीएम सैनी ने मंत्री को पंजाब के रवैये और सभी राजनीतिक दलों से प्राप्त सुझावों की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार नंगल डैम का नियंत्रण भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) को सौंपने के मुद्दे पर पंजाब के प्रति सख्त रुख अपना सकती है।

भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने हरियाणा को 4500 क्यूसेक अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने की पैरवी की थी। इसके बाद 2 मई को दिल्ली में हुई बैठक में केंद्रीय गृह सचिव ने सुझाव दिया कि पंजाब बीबीएमबी के प्रस्ताव के अनुसार हरियाणा को अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराए।

इसके अलावा, केंद्र ने नंगल डैम (भाखड़ा बांध का नियंत्रण कक्ष) की Punjab पुलिस द्वारा निगरानी पर आपत्ति जताई थी तथा इसे तुरंत बीबीएमबी को सौंपने को कहा था। लेकिन पंजाब ने रविवार शाम तक नियंत्रण कक्ष से नियंत्रण नहीं छोड़ा। ऐसे में केंद्र सोमवार को कड़ा रुख अपनाते हुए कंट्रोल रूम बीबीएमबी को सौंप सकता है।

Punjab सरकार हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने के प्रस्ताव के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव ला सकती है। जल मुद्दे पर मान सरकार करो या मरो के मूड में है। उनका तर्क है कि हरियाणा को उसकी जरूरत के अनुसार 4000 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। 8500 क्यूसेक पानी की मांग अवैध है। हरियाणा अधिशेष जल का उपयोग सिंचाई के लिए करेगा।

एसवाईएल को आधार बनाकर सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी :

हरियाणा सरकार ने Punjab से पानी लेने के लिए एसवाईएल को मुद्दा बनाकर सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए राज्य सरकार के वकीलों ने पानी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसलों का हवाला भी दिया है। दरअसल, एसवाईएल मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही हरियाणा के पक्ष में फैसला दे चुका है, लेकिन Punjab ने अभी तक फैसले को लागू नहीं किया है।

इस बीच, Punjab के कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने रविवार को नंगल डैम का दौरा किया और नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बांध पर हमारे पुलिस प्रशासन का पूरा नियंत्रण है। हरियाणा को उसके हिस्से से एक बूंद भी अधिक पानी नहीं दिया जाएगा।

बैंस ने कहा कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी बांध पर तैनात हैं, जो कड़ी नजर रख रहे हैं। धान की रोपाई का मौसम शुरू होने वाला है और राज्य के किसानों को पानी की सख्त जरूरत है, इसलिए अतिरिक्त पानी किसी अन्य राज्य को नहीं छोड़ा जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से नंगल डैम से छोड़े जा रहे पानी के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

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