Live
नशा तस्करी मामले का सच सामने लाने के लिए SIT को बिक्रम सिंह मजीठिया और जगदीश भोला से आमने-सामने पूछताछ करनी चाहिए: कुलदीप सिंह धालीवाल•1 अक्टूबर से LPG सिलेंडर से जुड़े बदलाव, ग्राहकों के लिए जानना जरूरी•अमृतसर के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी निकली अफवाह, DCP ने माता-पिता और छात्रों से न घबराने की अपील•एशियाई खेलों 2026: भारतीय निशानेबाजों और तीरंदाजों ने रचा इतिहास, भारत के खाते में 10 Gold समेत 59 मेडल•LPU विवाद में पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 4 FIR दर्ज; हिंसा में शामिल लोगों की पहचान शुरू•नानकसर संप्रदाय के प्रमुख ने ऐतिहासिक ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान (संशोधन) अधिनियम, 2026’ पारित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सराहना की•सुरक्षा देने में नाकाम भाजपा सरकार बेटियों की आजादी पर लगा रही पाबंदी- केजरीवाल•अक्टूबर में जन्मी लड़कियों का स्वभाव कैसा होता है? जानें इनकी खास बातें•नशा तस्करी मामले का सच सामने लाने के लिए SIT को बिक्रम सिंह मजीठिया और जगदीश भोला से आमने-सामने पूछताछ करनी चाहिए: कुलदीप सिंह धालीवाल•1 अक्टूबर से LPG सिलेंडर से जुड़े बदलाव, ग्राहकों के लिए जानना जरूरी•अमृतसर के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी निकली अफवाह, DCP ने माता-पिता और छात्रों से न घबराने की अपील•एशियाई खेलों 2026: भारतीय निशानेबाजों और तीरंदाजों ने रचा इतिहास, भारत के खाते में 10 Gold समेत 59 मेडल•LPU विवाद में पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 4 FIR दर्ज; हिंसा में शामिल लोगों की पहचान शुरू•नानकसर संप्रदाय के प्रमुख ने ऐतिहासिक ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान (संशोधन) अधिनियम, 2026’ पारित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सराहना की•सुरक्षा देने में नाकाम भाजपा सरकार बेटियों की आजादी पर लगा रही पाबंदी- केजरीवाल•अक्टूबर में जन्मी लड़कियों का स्वभाव कैसा होता है? जानें इनकी खास बातें•
Wednesday, 30 September 2026
Menu

सरकार पहले ही 85,000 कर्मचारियों की 60% DA की मांग पूरी कर चुकी है, बाकियों के लिए केंद्र के बराबर वेतन सुनिश्चित करने के लिए तैयार: Aman Arora

कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल गैर-कानूनी है, क्योंकि DA का मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पंजाब सरकार पहले ही लगभग 85,000 कर्मचारियों का DA बढ़ाकर 60% करने का फैसला करके उनकी मांग पूरी कर चुकी है और बाकी कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार के समान पदों के बराबर वेतन देने की पेशकश की है।

मंत्री ने कर्मचारियों से राजनीतिक हथियार न बनने की अपील की और कहा कि भगवंत मान सरकार अपने कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ी है और बातचीत के जरिए उनकी जायज मांगों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन इसके साथ ही सरकार की तीन करोड़ पंजाबियों के प्रति भी बराबर की जिम्मेदारी है और वह जरूरी सार्वजनिक सेवाओं में व्यवधान नहीं पड़ने दे सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को होने वाली किसी भी असुविधा के मद्देनजर सरकार कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने के लिए मजबूर होगी।

एक बयान में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा, “भगवंत मान सरकार पंजाब के कर्मचारियों की शुभचिंतक है। हमारे कर्मचारी सुशासन की रीढ़ हैं और उनके अधिकार, सम्मान और भलाई हमारी प्राथमिकता है। हम उनके मसलों को हल करने के लिए पहले ही ठोस कदम उठा चुके हैं और बाकी रहते मुद्दों को सुलझाने के लिए उनसे बातचीत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

मंत्री ने कर्मचारी संगठनों से सरकार के साथ बातचीत जारी रखने और राजनीतिक हितों को सार्थक हल के रास्ते में न आने देने की अपील की। उन्होंने कहा, “मैं हमारे कर्मचारियों से अपील करता हूं कि वे राजनीतिक हथियार न बनें। हम दोनों एक ही पक्ष में हैं। सरकार उनकी भलाई के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याएं सुनने के लिए तैयार है। हालांकि, जब मामला पहले ही अदालत में विचाराधीन है, तो गैर-कानूनी हड़ताल पर जाना सही रास्ता नहीं हो सकता। इसके साथ ही, जहां भी सार्वजनिक सेवाओं में व्यवधान पड़ेगा और पंजाब के लोगों को बिना वजह मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, वहां सरकार को कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करनी पड़ेगी।”

उन्होंने दोहराया कि सरकार एक संतुलित और निष्पक्ष हल खोजने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा, “पंजाब के कर्मचारी और पंजाब के लोग दो अलग-अलग पक्ष नहीं हैं। दोनों हमारे राज्य की तरक्की का अहम हिस्सा हैं। हमारा रवैया हमेशा बातचीत, सम्मान और जिम्मेदारी वाला रहेगा। हम कर्मचारियों से अपील करते हैं कि वे अपने मसले उचित चैनलों के जरिए उठाएं और गैर-कानूनी हड़ताल का रास्ता न अपनाएं, ताकि पंजाब की वित्तीय स्थिरता और लोगों के निर्बाध सार्वजनिक सेवाओं के अधिकारों के साथ समझौता किए बिना कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जा सके।”

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार ने 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए लगभग 85,000 कर्मचारियों का DA 42% से बढ़ाकर 60% करने का फैसला करके उनकी DA की मांग पहले ही पूरी कर दी है। उन्होंने कहा, “इन 85,000 कर्मचारियों की मांग पहले ही मान ली गई है। बाकी कर्मचारियों के लिए भी हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट रहा है l सरकार लागू कानूनी और वित्तीय ढांचे के भीतर रहते हुए वास्तविक वेतन के मामले में केंद्र सरकार के समान पदों के कर्मचारियों के बराबर वेतन सुनिश्चित करने के लिए तैयार है।”

मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि DA और बकाये का बड़ा मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन भी है और राज्य सरकार देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले का पालन करेगी। उन्होंने कहा, “जहां मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, वहां अंतिम फैसला अदालत का ही होगा। सरकार ने अदालत के सामने अपना पूरा पक्ष रख दिया है और कर्मचारियों की वेतन समानता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट कर दी है।”

राज्य की वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डालते हुए मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब पहले ही कर्मचारियों से संबंधित देश के सबसे अधिक वित्तीय बोझों में से एक उठा रहा है। उन्होंने कहा, “पंजाब अपनी कुल आय का लगभग 51% हिस्सा वेतन और पेंशन पर खर्च करता है, जबकि पूरे भारत की औसत लगभग 38% है। बड़े राज्यों में यह सबसे अधिक प्रतिशत है। इसके साथ ही, ब्याज सहित अनिवार्य देनदारियां हमारी आय का लगभग 82% हिस्सा बनाती हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के माने गए बकाये देने से इनकार नहीं किया है। उन्होंने कहा, “राज्य ने माने गए बकाये के भुगतान के लिए पहले ही एक योजनाबद्ध ढांचा तैयार किया है। हमारा उद्देश्य पंजाब की वित्तीय क्षमता और संचित निधि में से खर्चे से संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए हर जायज हक का भुगतान सुनिश्चित करना है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *