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Wednesday, 14 October 2026
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भगवंत मान सरकार द्वारा पूरे राज्य की अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को राहत देने के लिए राज्य स्तरीय नीति बनाने की घोषणा

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि पंजाब सरकार द्वारा उन नागरिकों की लंबे समय से लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान करने के लिए राज्य स्तरीय नीति तैयार की जाएगी, जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई पूरे राज्य की अनधिकृत कॉलोनियों में लगाई है।

 

ऐसी कॉलोनियों के निवासियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पूरे राज्य के हजारों भोले-भाले खरीदार अनधिकृत कॉलोनियों में प्लॉट बेचने वाले कॉलोनाइज़रों की धोखाधड़ी के कारण परेशान हैं और लोगों को कानूनी तथा बुनियादी ढांचे से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “हजारों भोले-भाले परिवारों ने अपनी जीवन भर की कमाई प्लॉटों में निवेश की, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि वे न तो जमीन बेच सकते थे और न ही रजिस्ट्रियां करवा सकते थे। उन्हें बिजली, पानी और सीवरेज कनेक्शन जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा गया था। ये लोग पीड़ित हैं और न्याय के हकदार हैं।”

 

भोले-भाले नागरिकों और धोखेबाज डेवलपर्स के बीच स्पष्ट अंतर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “धोखेबाज कॉलोनाइज़रों ने लोगों को ब्रोशर और झूठे वादों के माध्यम से भ्रमित किया। उन्होंने प्लॉट बेचे, मुनाफा कमाया और चलते बने। बाद में आम नागरिकों को इसके परिणाम भुगतने पड़े। बिक्री के समय उन्होंने यह तथ्य छिपाया कि इन कॉलोनियों में बिजली के मीटर, सड़कें और सीवरेज कनेक्शन स्वीकृत नहीं किए जा सकते।”

 

वास्तविक खरीदारों की सुरक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार भोले-भाले नागरिकों के हितों की रक्षा करेगी, जिन्होंने जागरूकता की कमी के कारण अपनी कमाई इन कॉलोनियों में लगा दी, लेकिन साथ ही इन ठग कॉलोनाइज़रों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ऐसे कॉलोनाइज़रों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जबकि पंजाब सरकार प्रभावित निवासियों को एक समान नीति के माध्यम से राहत प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, “राहत के लिए नीति तैयार की जा रही है, जो लुधियाना या पटियाला जैसे शहरों तक सीमित नहीं होगी। इसे पूरे पंजाब में समान रूप से लागू किया जाएगा ताकि प्रत्येक प्रभावित नागरिक को न्याय मिल सके।”

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि नागरिकों से प्राप्त सुझावों की समीक्षा करने और अनधिकृत कॉलोनियों से जुड़े सभी लंबित कानूनी एवं वित्तीय मामलों की जांच के लिए जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने कहा, “हम निवासियों द्वारा उठाए गए मुद्दों और सुझावों पर गंभीरता से विचार करेंगे ताकि एक व्यावहारिक और स्थायी समाधान निकाला जा सके।”

 

लोगों से भविष्य में संपत्ति खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने से पहले खरीदारों को पूरी जांच-पड़ताल करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि परियोजना को पुड्डा, गमाडा या ग्लाडा जैसी सक्षम प्राधिकरणों द्वारा मंजूरी दी गई है या नहीं।”

 

लोगों के हितों की रक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पंजाब सरकार नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे कि भोले-भाले नागरिकों के हित सुरक्षित रहें और उन्हें वह राहत मिले, जिसके वे हकदार हैं।”

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