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Wednesday, 19 August 2026
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भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ ने किडनी स्टोन और शुगर से जूझ रही पटियाला की महिला को दी बड़ी राहत

पटियाला में जब सूरज निकलता था, तब 46 वर्षीय सुनीता रानी उससे कई घंटे पहले ही जाग चुकी होती थीं। उनके लिए नींद लेना मुश्किल हो गया था। कमर के निचले हिस्से में लगातार दर्द रहता था, जो खड़े होते ही शरीर के एक तरफ तेजी से फैल जाता था। हर सुबह उनके पैर पहले से अधिक सूजे हुए होते थे और रसोई तक चलकर जाना भी थकावट भरा हो गया था। वे बीच-बीच में रुक जाती थीं, एक हाथ दीवार पर और दूसरा पेट पर रखकर दर्द कम होने का इंतजार करती थीं।

 

दर्द के बावजूद सुनीता ने अपने रोजमर्रा के काम जारी रखे और उम्मीद करती रहीं कि समस्या अपने आप ठीक हो जाएगी। लेकिन जब दर्द और सूजन बढ़ने लगी तो परिवार ने उन्हें डॉक्टर के पास जाने के लिए कहा। इसी दौरान उन्हें ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत मिल रही सुविधाओं के बारे में पता चला, जिसके बाद उन्होंने अपने परिवार सहित पंजीकरण करवाने का फैसला किया।

 

सुनीता ने तुरंत योजना के तहत पंजीकरण करवाया और अपने परिवार के लिए स्वास्थ्य कार्ड बनवाया। इलाज के लिए उन्हें माता कौशल्या अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डॉक्टरों ने विस्तृत जांच के बाद पता लगाया कि उनके यूरेटर में किडनी स्टोन फंसा हुआ है। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि उनकी शुगर और गंभीर सूजन का इलाज किए बिना सर्जरी करना सुरक्षित नहीं होगा।

 

अपना अनुभव साझा करते हुए सुनीता रानी ने कहा, “जब दर्द असहनीय हो गया तो मैंने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजीकरण करवाया और अपने परिवार का स्वास्थ्य कार्ड बनवाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद किडनी स्टोन की पुष्टि की। मेरा शुगर लेवल बहुत ज्यादा था और शरीर में काफी सूजन थी, इसलिए डॉक्टरों ने पहले इन दोनों समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए इलाज शुरू किया।”

 

उन्होंने आगे कहा, “मैं नियमित रूप से अस्पताल में चेक-अप के लिए जा रही हूं और डॉक्टर लगातार मेरी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। अब सूजन कम हो गई है और शुगर को नियंत्रित रखने के लिए मेरी दवाइयां भी बदल दी गई हैं।” सुनीता रानी इस बात से खुश हैं कि उनका इलाज कैशलैस तरीके से हो रहा है। उन्होंने कहा, “मुझे अभी 10 दिनों का और इलाज दिया गया है, जिसके बाद डॉक्टर ऑपरेशन की तारीख तय करेंगे। शुरुआती इलाज से लेकर आने वाले दिनों में होने वाली सर्जरी तक, मुझे किसी भी प्रकार की राशि का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। यह मेरे लिए बहुत बड़ी राहत और सुकून की बात है।”

 

डॉक्टरों के अनुसार शुगर, शरीर में पानी की कमी और अस्वस्थ खानपान की आदतों के कारण किडनी स्टोन के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इलाज में देरी होने से गंभीर संक्रमण और अन्य जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए समय रहते जांच और चिकित्सकीय सहायता लेना बेहद जरूरी है।

 

सुनीता और उनके परिवार के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना मुश्किल समय में बड़ी राहत साबित हुई। इस योजना के तहत उन्हें तुरंत पंजीकरण, नियमित चिकित्सकीय निगरानी, किफायती इलाज और विशेषज्ञ डॉक्टरों तक बिना आर्थिक बोझ के पहुंच मिली। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इससे परिवार को यह भरोसा मिला कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अब उनकी पहुंच में हैं।

 

आज सुनीता की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा, “अब सूजन काफी कम हो गई है और जल्द ही मेरा शुगर लेवल भी नियंत्रण में आ जाएगा। मेरा इलाज अभी भी जारी है, लेकिन अब स्वास्थ्य कार्ड की मदद से इलाज के दौरान मेरे मन में डर नहीं, बल्कि जल्द ठीक होने की उम्मीद है।”

 

भावुक होकर सुनीता ने कहा, “मेरा मानना है कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना जैसी सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं परिवारों को बिना खर्चों की चिंता किए समय पर इलाज दिलाने में मदद कर रही हैं।” उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि आसान और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं तथा समय पर इलाज किस तरह लोगों की जिंदगी बदल सकते हैं, आत्मविश्वास वापस ला सकते हैं और मुश्किल समय में परिवारों का सहारा बन सकते हैं।

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