Live
CM भगवंत सिंह मान द्वारा कृषि विश्वविद्यालय में हॉर्टिकल्चर नॉलेज सेंटर को मंजूरीसोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट! खरीददारों को मिली राहतजहाँ भी चुनाव आते हैं, भाजपा विपक्षी सरकारों को निशाना बनाने के लिए सीबीआई, ईडी और दूसरी एजेंसियों का इस्तेमाल करती है: बलतेज पन्नूभारत-कनाडा के बीच UPI की तैयारी! पंजाबियों को मिल सकता है बड़ा फायदापंजाब में भाजपा का कोई जनाधार नहीं है, ईडी को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है: कुलदीप धालीवालसबूत पेश करने के बजाय, ईडी पत्र, लीक और मीडिया रिपोर्ट के ज़रिए आप लीडरशिप को बदनाम कर रही है: अमन अरोड़ाDA-DR पर पंजाब सरकार का बड़ा कदम, हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती‘Digi Punjab’ पोर्टल लॉन्च, अब एक ही जगह मिलेंगी 300+ सरकारी सेवाएंCM भगवंत सिंह मान द्वारा कृषि विश्वविद्यालय में हॉर्टिकल्चर नॉलेज सेंटर को मंजूरीसोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट! खरीददारों को मिली राहतजहाँ भी चुनाव आते हैं, भाजपा विपक्षी सरकारों को निशाना बनाने के लिए सीबीआई, ईडी और दूसरी एजेंसियों का इस्तेमाल करती है: बलतेज पन्नूभारत-कनाडा के बीच UPI की तैयारी! पंजाबियों को मिल सकता है बड़ा फायदापंजाब में भाजपा का कोई जनाधार नहीं है, ईडी को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है: कुलदीप धालीवालसबूत पेश करने के बजाय, ईडी पत्र, लीक और मीडिया रिपोर्ट के ज़रिए आप लीडरशिप को बदनाम कर रही है: अमन अरोड़ाDA-DR पर पंजाब सरकार का बड़ा कदम, हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती‘Digi Punjab’ पोर्टल लॉन्च, अब एक ही जगह मिलेंगी 300+ सरकारी सेवाएं
Thursday, 03 September 2026
Menu

पहली बार वोटर बनने वालों के लिए बड़ा बदलाव, अब Form-6 के साथ माता-पिता की SIR जानकारी भी देनी होगी

पहली बार वोटर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए चुनाव आयोग ने महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब नए मतदाता के रूप में Form-6 भरने वाले प्रत्येक आवेदक को अपने माता-पिता की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी।

अब तक माना जा रहा था कि SIR से संबंधित जानकारी केवल पुराने मतदाताओं के लिए आवश्यक है, लेकिन चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह नियम अब पहली बार वोटर बनने वाले आवेदकों पर भी लागू होगा।

चुनाव आयोग के अनुसार, ऑनलाइन Form-6 भरते समय आवेदक को अपने माता-पिता का SIR विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा निर्धारित घोषणा (डिक्लेरेशन) किए बिना आवेदन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी।

आयोग का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। इससे नए मतदाताओं का रिकॉर्ड परिवार के मौजूदा मतदाता रिकॉर्ड से आसानी से जोड़ा जा सकेगा और फर्जी, डुप्लीकेट या गलत प्रविष्टियों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी।

चुनाव आयोग के मुताबिक, नई व्यवस्था लागू होने से कई मामलों में आवेदकों को अतिरिक्त दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता भी कम हो सकती है। आयोग का मानना है कि यह कदम मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *