पंजाब में कल से कमजोर पड़ेगा मानसून, कुछ जिलों तक सीमित रहेगी बारिश
पंजाब में पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश के दौर के बाद अब मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ने वाली हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम हो जाएंगी और मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ जाएगी। रविवार के बाद पंजाब में भारी बारिश को लेकर फिलहाल कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अब बारिश का असर मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे पंजाब के कुछ जिलों तक ही सीमित रह सकता है। राज्य के मैदानी और पश्चिमी इलाकों में मौसम अधिकतर शुष्क रहने की संभावना है। बारिश कम होने से लोगों को जलभराव और लगातार बारिश से राहत मिल सकती है, लेकिन इसके साथ ही उमस और गर्मी बढ़ने की संभावना भी जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पठानकोट, होशियारपुर, गुरदासपुर और रूपनगर जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश या कुछ स्थानों पर छिटपुट बौछारें देखने को मिल सकती हैं। वहीं, पंजाब के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से सूखा रहने का अनुमान है। लुधियाना, पटियाला, बठिंडा, फरीदकोट, मानसा और फाजिल्का जैसे जिलों में बारिश की संभावना काफी कम बताई गई है।
तापमान में भी बढ़ोतरी के आसार
शनिवार को पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में करीब 1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बठिंडा राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा पटियाला में 35.8 डिग्री, फिरोजपुर में 35.4 डिग्री, चंडीगढ़ और लुधियाना में 35.0 डिग्री तथा अमृतसर में 33.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
शनिवार को बारिश भी कुछ ही इलाकों तक सीमित रही। चंडीगढ़ में 0.8 मिलीमीटर, मोहाली में 0.5 मिलीमीटर, थेन डैम पठानकोट में 0.5 मिलीमीटर और रूपनगर में करीब 2.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
अगले 3-4 दिन कैसा रहेगा मौसम?
मानसून की गतिविधियां कमजोर होने के बाद पंजाब में धूप निकलने की संभावना बढ़ेगी। हवा में नमी अधिक रहने के कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले 3 से 4 दिनों के दौरान पंजाब में कोई नया मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने की संभावना नहीं है।
ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, हिमाचल की सीमा से सटे जिलों में स्थानीय स्तर पर बारिश और बादल छाए रहने की संभावना बनी रह सकती है।


