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Saturday, 05 September 2026
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करीब 39 लाख स्वास्थ्य कार्ड जारी, पंजाब में मुफ्त और कैशलेस इलाज का तेज विस्तार: डॉ. बलबीर सिंह

भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ (एमएमएसवाई) देश की सबसे व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं में तेजी से उभर रही है। इस योजना के तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर ही नहीं, बल्कि हर वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।

 

योजना की शुरुआत के बाद से इसका विस्तार तेजी से हुआ है। अब तक लगभग 39 लाख स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं और विभिन्न जिलों में कैंप, कम्युनिटी सर्विस सेंटर, सुविधा केंद्र और अन्य सरकारी संस्थानों के माध्यम से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया लगातार जारी है। सरकार का लक्ष्य लगभग 65 लाख परिवारों को इस योजना के दायरे में लाना है, जिससे करीब 3 करोड़ लोगों को लाभ मिल सके।

 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना लोगों को आर्थिक रूप से सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से परिवार बिना किसी भुगतान के जीवन रक्षक और महत्वपूर्ण इलाज प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे समय रहते रजिस्ट्रेशन कराएं, ताकि जरूरत पड़ने पर बिना किसी रुकावट के कैशलेस इलाज का लाभ लिया जा सके।

 

उन्होंने आगे कहा कि इस योजना का उद्देश्य पंजाब को एक ऐसी डिजिटल और कैशलेस स्वास्थ्य प्रणाली की ओर ले जाना है, जहां हर व्यक्ति को समय पर इलाज मिल सके और आर्थिक कारणों से इलाज में देरी न हो।

इस योजना के तहत 2300 से अधिक उपचार प्रक्रियाएं शामिल की गई हैं और पंजाब व चंडीगढ़ के 850 से अधिक सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसमें हृदय रोगों का इलाज, कैंसर उपचार, डायलिसिस, आर्थोपेडिक सर्जरी जैसे घुटना प्रत्यारोपण, नवजात शिशु देखभाल और दीर्घकालिक बीमारियों का प्रबंधन शामिल है। यह सभी सेवाएं निर्धारित पैकेज दरों के अंतर्गत पूरी तरह कैशलेस प्रदान की जाती हैं।

 

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के पॉलिसी वर्ष में अब तक 1.09 लाख से अधिक लाभार्थी करीब 340 करोड़ रुपये के इलाज का लाभ उठा चुके हैं, जो इस योजना की प्रभावशीलता और व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है।

इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसका लाभ जाति, धर्म, लिंग या आय के आधार पर सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के सभी पात्र निवासियों के लिए उपलब्ध है। हालांकि, अभी भी कुछ भ्रांतियां समाज में बनी हुई हैं, जिन्हें स्पष्ट करना आवश्यक है।

 

पहली गलतफहमी यह है कि यह केवल पुरानी योजनाओं का विस्तार है, जबकि वास्तविकता यह है कि इसमें कवरेज राशि को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति परिवार प्रति वर्ष किया गया है और पात्रता का दायरा भी व्यापक किया गया है।

 

दूसरी गलतफहमी यह है कि यह योजना केवल गरीब परिवारों के लिए है, जबकि सच्चाई यह है कि यह सभी पात्र निवासियों के लिए उपलब्ध है।

 

तीसरी भ्रांति यह है कि कैशलेस इलाज में छिपे हुए खर्च होते हैं, जबकि इस योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में सर्जरी, जांच, भर्ती, दवाइयां और इलाज के बाद की देखभाल—सभी कुछ पूरी तरह कैशलेस है।

 

चौथी गलतफहमी यह है कि यह केवल सीमित अस्पतालों में लागू है, जबकि यह सैकड़ों सरकारी और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में लागू है।

 

पांचवीं भ्रांति यह है कि इसका कवरेज केवल प्रतीकात्मक है, जबकि वास्तव में यह 2300 से अधिक उपचार पैकेजों के साथ 10 लाख रुपये तक का वार्षिक कवरेज प्रदान करती है।

 

छठी और महत्वपूर्ण गलतफहमी यह है कि रजिस्ट्रेशन केवल आपात स्थिति के लिए आवश्यक है, जबकि सत्य यह है कि सत्यापन और कार्ड जारी करने में समय लगता है। इसलिए भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार लोगों को पहले से रजिस्ट्रेशन कराने के लिए प्रेरित कर रही है, ताकि आपातकालीन स्थिति में किसी भी प्रकार की देरी से बचा जा सके।

 

सरकार ने राज्य के सभी परिवारों से अपील की है कि वे अपनी पात्रता की जांच करें और जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करें, ताकि इस महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना का पूरा लाभ लिया जा सके।

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