Live
नगर निगम चुनाव में आप की बड़ी जीत; मनीष सिसोदिया ने कहा, पंजाब भर में लोगों ने स्पष्ट संदेश दिया है: वे अच्छे शासन की कद्र करते हैं और आप सरकार के काम से संतुष्ट हैंCBSE ने Class 12 री-इवैल्यूएशन की तारीख बदली, अब 1 जून से खुलेगा पोर्टलजातिसूचक टिप्पणी मामले में रवनीत बिट्टू के खिलाफ SC आयोग का बड़ा एक्शनपंजाब में मौसम ने बदली करवट, बारिश-तूफान को लेकर रेड अलर्ट जारीश्री आनंदपुर साहिब नगर काउंसिल चुनाव में AAP की बड़ी जीत, 13 में से 11 वार्डों पर कब्जाCM भगवंत सिंह मान ने जालंधर में खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया बड़ा तोहफा, गांव सीचेवाल के संत अवतार सिंह मेमोरियल हॉकी स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ का किया उद्घाटनकेंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू के बयानों पर अमन अरोड़ा का तीखा पलटवारभाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू का पंजाब पुलिस अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार सत्ता के घमंड और सिक्योरिटी फोर्स के प्रति बेइज्ज़ती दिखाता है: बलतेज पन्नूनगर निगम चुनाव में आप की बड़ी जीत; मनीष सिसोदिया ने कहा, पंजाब भर में लोगों ने स्पष्ट संदेश दिया है: वे अच्छे शासन की कद्र करते हैं और आप सरकार के काम से संतुष्ट हैंCBSE ने Class 12 री-इवैल्यूएशन की तारीख बदली, अब 1 जून से खुलेगा पोर्टलजातिसूचक टिप्पणी मामले में रवनीत बिट्टू के खिलाफ SC आयोग का बड़ा एक्शनपंजाब में मौसम ने बदली करवट, बारिश-तूफान को लेकर रेड अलर्ट जारीश्री आनंदपुर साहिब नगर काउंसिल चुनाव में AAP की बड़ी जीत, 13 में से 11 वार्डों पर कब्जाCM भगवंत सिंह मान ने जालंधर में खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया बड़ा तोहफा, गांव सीचेवाल के संत अवतार सिंह मेमोरियल हॉकी स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ का किया उद्घाटनकेंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू के बयानों पर अमन अरोड़ा का तीखा पलटवारभाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू का पंजाब पुलिस अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार सत्ता के घमंड और सिक्योरिटी फोर्स के प्रति बेइज्ज़ती दिखाता है: बलतेज पन्नू
Saturday, 30 May 2026
Menu

पंजाब सरकार ने 11 अप्रैल को बुलाई कैबिनेट मीटिंग:दोपहर तीन बजे सीएम रिहायश पर होगी, स्पेशल सेशन को लेकर बनाई जाएगी स्ट्रेटजी

बेअदबी की घटनाओं को लेकर बने कानून को मूर्त रूप देने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पंजाब सरकार ने 13 अप्रैल को विधान सभा का विशेष सत्र बुलाया हैं। जिसमें सरकार जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 में संशोधन करके इसमें सजा का प्रावधान करना चाहती है।

इस संशोधन बिल पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 11 अप्रैल शनिवार को कैबिनेट बैठक बुला ली है। यह बेहद संजीदा बिल हैं। क्योंकि जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 राज्य का कानून हैं।

इसके तहत सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाशन, वितरण और बीड़ के प्रबंधन का अधिकार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) को दिया है। ताकि सिख रहत मर्यादा के अनुसार पवित्रता बनी रहे। अब सरकार इस बिल में संशोधन करके उसमें सजा का प्रावधान भी शामिल करना चाहती है।

बीते साल विधेयक किया गया था पेश

बता दें कि 15 जुलाई 2025 को पंजाब सरकार पंजाब पवित्र धर्मग्रंथों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम विधेयक, 2025 पेश किया था। इस पर बहस के बाद इसे सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया है। सेलेक्ट कमेटी को 6 माह में अपनी रिपोर्ट देनी थी। इस बिल में सभी धार्मिक ग्रंथों को शामिल किया गया था। जिसके तहत 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया था।

जानकारी के अनुसार सरकार ने इस बिल को ठंडे बस्ते में डाल कर जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 में संशोधन करने का फैसला किया है। सरकार मान रही हैं कि इस बिल में संशोधन करने से श्री गुरु ग्रंथ साहिब को शामिल किया जाएगा। जबकि पवित्र धर्मग्रंथों के विरुद्ध अपराधों की
रोकथाम विधेयक, 2025 में सभी ग्रंथ आते थे।

विधेयक राष्ट्रपति को भेजना जरूर नहीं

बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही यह दावा कर चुके है कि यह स्टेट बिल है, इसलिए इसे राष्ट्रपति को भेजने की जरूरत नहीं है। जबकि माहिरों का कहना है कि 2008 का कानून केवल रेगुलेटरी कानून है जबकि अगर इसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी किए जाने पर सजा का प्रविधान दस साल या इससे ज्यादा किया जाता है तो यह बिल राष्ट्रपति के पास पारित होने के लिए भेजना पड़ेगा।

उनका यह भी कहना है कि रेगुलेटरी एक्ट को पीनल एक्ट में बदला तो जा सकता है लेकिन तब यह क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में आ जाएगा। फिर यह स्टेट एक्ट नहीं रहेगा बल्कि समवर्ती सूची में आ जाएगा। ऐसा नहीं है कि राज्य यह कानून बना नहीं सकता लेकिन अगर यह केंद्रीय कानून से टकराया तो केंद्रीय कानून ही माना जाएगा।

13 अप्रैल को विधानसभा में होगा पेश

यही कारण हैं कि शिरोमणि अकाली दल अपने सरकार के दौरान 2016 में लाए गए बिल को मंजूरी दिलवाने की मांग कर रही हैं तो कांग्रेस अपने कार्यकाल के दौरान 2018 में लाए गए बिल को कानून बनाने की मांग कर रही है। बता दें कि 2016 के बिल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान पर उम्र कैद और अन्य धार्मिक ग्रंथों के अपमान पर दस साल की सजा का प्रविधान किया गया था।

2018 में सरकार ने इसमें संशोधन करते हुए सभी धर्मों को शामिल कर लिया लेकिन आठ साल बीतने के बावजूद राष्ट्रपति से इसे मंजूरी नहीं दी है। 11 अप्रैल को बुलाई गई कैबिनेट बैठक में बिल के अंतिम स्वरूप को मंजूरी मिलेगी। जिसे बाद में 13 अप्रैल को विधान सभा में पेश किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *