Live
पंजाब पुलिस की वर्दी को लेकर वायरल ऑडियो और चिट्ठी का खंडन, पुलिस ने बताई सच्चाईसिद्धू मूसेवाला का नया गाना ‘GHOSTFACE KILLAH’ रिलीज, आते ही छायारवनीत सिंह बिट्टू, प्रताप बाजवा और बिक्रम मजीठिया एक नशा तस्कर को बचाने क्यों आए? : आपअमरजीत सिंह चावला पर लगे गंभीर आरोपों पर सुखबीर बादल अभी तक चुप क्यों हैं? – बलतेज पन्नूCM भगवंत मान ने पूर्व विधायक रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा और उनके समर्थकों का आप में किया स्वागतहरदीप सिंह मुंडियां और दीपक बाली ने ‘हमारे राम’ शो के लिए लुधियाना वासियों को दिया न्यौता, आशुतोष राणा लाइव करेंगे परफॉर्मआप मंत्रियों ने ‘मान दे मुनाफे’ घर-घर पहुंचाए, पंजाब को 4.5 साल का ‘Guarantee Plus’ रिपोर्ट कार्ड पेश किया|Asian Hockey Federation ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को जापान में एशियाई खेलों के हॉकी सेमीफाइनल और फाइनल देखने का निमंत्रण दियापंजाब पुलिस की वर्दी को लेकर वायरल ऑडियो और चिट्ठी का खंडन, पुलिस ने बताई सच्चाईसिद्धू मूसेवाला का नया गाना ‘GHOSTFACE KILLAH’ रिलीज, आते ही छायारवनीत सिंह बिट्टू, प्रताप बाजवा और बिक्रम मजीठिया एक नशा तस्कर को बचाने क्यों आए? : आपअमरजीत सिंह चावला पर लगे गंभीर आरोपों पर सुखबीर बादल अभी तक चुप क्यों हैं? – बलतेज पन्नूCM भगवंत मान ने पूर्व विधायक रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा और उनके समर्थकों का आप में किया स्वागतहरदीप सिंह मुंडियां और दीपक बाली ने ‘हमारे राम’ शो के लिए लुधियाना वासियों को दिया न्यौता, आशुतोष राणा लाइव करेंगे परफॉर्मआप मंत्रियों ने ‘मान दे मुनाफे’ घर-घर पहुंचाए, पंजाब को 4.5 साल का ‘Guarantee Plus’ रिपोर्ट कार्ड पेश किया|Asian Hockey Federation ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को जापान में एशियाई खेलों के हॉकी सेमीफाइनल और फाइनल देखने का निमंत्रण दिया
Wednesday, 23 September 2026
Menu

दिल्ली मार्च पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, रोक लगाने से किया इनकार

5 सितंबर को दिल्ली में होने वाले काकरोच जनता पार्टी के मार्च को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस आधार सामने नहीं आया है, जिसके आधार पर यह माना जाए कि मार्च के कारण किसी तरह की अप्रिय या हिंसक घटना होने की आशंका है।

मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मार्च में शामिल होने वाले सभी पक्षों से कानून का पालन करने और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की उम्मीद की जाती है।

दरअसल, इस मामले को लेकर रिटायर्ड दिल्ली पुलिस अधिकारी राजेंद्र सिंह की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि दिल्ली में BRICS सम्मेलन को देखते हुए राजधानी में बड़े जुलूस और प्रदर्शनों की अनुमति देना सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

याचिका में यह भी चिंता जताई गई थी कि बड़े स्तर पर लोगों के जुटने से राजधानी में यातायात व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इन आशंकाओं के आधार पर फिलहाल मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

अदालत ने प्रशासन की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारी आवश्यक कदम उठा सकते हैं। साथ ही मार्च में शामिल लोगों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी गतिविधियां कानून के दायरे में रहें और किसी तरह की स्थिति न बिगड़े।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब 5 सितंबर को होने वाले मार्च को लेकर आगे की नजर दिल्ली प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों पर रहेगी। प्रशासन के सामने जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी, वहीं मार्च में शामिल संगठनों और लोगों से भी शांतिपूर्ण और जिम्मेदार तरीके से कार्यक्रम में हिस्सा लेने की उम्मीद की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *