Live
पंजाब की पवित्र धरती पर भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति के लिए कोई जगह नहीं: सांसद कंगCM भगवंत सिंह मान ने दोनों खेल शख्सियतों का आप में स्वागत किया, कहा – उनका अनुभव पंजाब के युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करेगामुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) के तहत मच्छर जनित बीमारियों के लिए 351 लाभार्थियों को 89.35 लाख रुपये के 357 उपचार मिलेमानसून को लेकर पंजाब सरकार अलर्ट, बाढ़ से निपटने के लिए पुख्ता इंतजामअमृतसर से पुणे जाने वाली फ्लाइट से टकराया पक्षी, उड़ान हुई रद्दसत्येंद्र जैन को फिर बीजेपी ने गिरफ्तार करवा दिया, पिछला केस भी फर्जी था, ये भी फर्जी है- केजरीवाल“आप” की पहली प्राथमिकता शिक्षा-स्वास्थ्य, पहले दिल्ली में सरकारी स्कूल सुधारे, अब पंजाब में सुधार रहे- केजरीवालपिछली सरकारें जो दशकों में न कर सकीं, वह भगवंत मान सरकार ने सिर्फ साढ़े चार सालों में कर दिखाया: हरजोत सिंह बैंसपंजाब की पवित्र धरती पर भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति के लिए कोई जगह नहीं: सांसद कंगCM भगवंत सिंह मान ने दोनों खेल शख्सियतों का आप में स्वागत किया, कहा – उनका अनुभव पंजाब के युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करेगामुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) के तहत मच्छर जनित बीमारियों के लिए 351 लाभार्थियों को 89.35 लाख रुपये के 357 उपचार मिलेमानसून को लेकर पंजाब सरकार अलर्ट, बाढ़ से निपटने के लिए पुख्ता इंतजामअमृतसर से पुणे जाने वाली फ्लाइट से टकराया पक्षी, उड़ान हुई रद्दसत्येंद्र जैन को फिर बीजेपी ने गिरफ्तार करवा दिया, पिछला केस भी फर्जी था, ये भी फर्जी है- केजरीवाल“आप” की पहली प्राथमिकता शिक्षा-स्वास्थ्य, पहले दिल्ली में सरकारी स्कूल सुधारे, अब पंजाब में सुधार रहे- केजरीवालपिछली सरकारें जो दशकों में न कर सकीं, वह भगवंत मान सरकार ने सिर्फ साढ़े चार सालों में कर दिखाया: हरजोत सिंह बैंस
Thursday, 20 August 2026
Menu

Haryana : गरीबों को मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए छह हजार जोड़ों ने करवाया फर्जी तलाक।

हरियाणा। Haryana में गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं के लिए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। राज्य सरकार द्वारा जारी परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) प्रणाली में छेड़छाड़ कर बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी के लिए निर्धारित वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम दिखाई जा रही थी।

फर्जीवाड़े के आरोप में झज्जर पुलिस ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चालान पेश किया है। जांच में यह सामने आया है कि लगभग छह हजार जोड़ों ने तलाक के फर्जी कागजात प्रस्तुत कर परिवार पहचान पत्र में परिवारों को विभाजित करवा लिया था। इससे उनके परिवार की आय गरीबी रेखा से नीचे दिखने लगी।

चालान के अनुसार, पीपीपी में नाम विभाजित करने के लिए कई मामलों में पहले परिवार के एक सदस्य को तलाक के फर्जी कागजात दिखाकर अलग किया गया। फिर दूसरे सदस्य को किसी दूसरे परिवार पहचान पत्र से जोड़ा गया। कुछ मामलों में एक ही परिवार के सदस्य को कई परिवार पहचान पत्रों में दर्ज किया गया।

अब तक पांच लोग गिरफ्तार।

पुलिस ने इस मामले का खुलासा 30 नवंबर 2024 को किया था। क्रीड के जिला प्रबंधक योगेश ने पुलिस को शिकायत दी थी कि अज्ञात लोग पीपीपी में छेड़छाड़ कर लोगों की आय बदल रहे थे। जांच में यह पाया गया कि योगेश और उनके सहयोगी विकास और अमित ने मिलकर पीपीपी में बदलाव किए थे। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। बाद में, दो अन्य आरोपी गीता और सिकंदर का नाम सामने आया, जिन्हें भी गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी वर्तमान में जेल में हैं।

12,000 परिवारों में बदलाव।

जांच में सामने आया कि राज्यभर के 12,000 परिवार पहचान पत्रों में बदलाव किया गया था। इस मामले में कई अन्य लोग भी जांच के दायरे में हैं, जिनमें एसएससी संचालक, क्रीड पंचायत लेवल ऑपरेटर और लोकल कमेटी लेवल ऑपरेटर शामिल हैं। इसके बाद, परिवार पहचान पत्र के राज्य समन्वयक डॉ. सतीश खोला ने बताया कि इस मामले के उजागर होने के बाद अब वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) सिस्टम लागू कर दिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *