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Saturday, 08 August 2026
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Himachal में बना इतिहास: पहली बार Robotic Surgery की Facility Launched, Chief Minister ने किया Inaugurate

हिमाचल प्रदेश के Atal Institute of Medical Super Specialties (AIMSS), चमियाणा में आज पहली बार रोबोटिक-सहायता वाली सर्जरी का सफल उद्घाटन हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस नई सुविधा का उद्घाटन किया और खुद सर्जरी रूम में लगभग आधे घंटे तक रहकर पूरी प्रक्रिया देखी। यह प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल है, जहाँ अब AIIMS जैसी तकनीक से इलाज मिलना संभव हो गया है।

पहला ऑपरेशन: सटीक, तेज और दर्द-रहित

पहला मरीज है खलिनी निवासी 67 वर्षीय महेंद्र पाल, जिन्हें प्रोस्टेट संबंधी समस्या के लिए रोबोटिक सर्जरी की गई। ऑपरेशन करीब तीन घंटे चला, जिसमें रक्त-स्राव बिल्कुल नहीं हुआ, जबकि पारंपरिक सर्जरी में लगभग चार यूनिट ब्लड की जरूरत होती।

डॉक्टरों के मुताबिक, इस तकनीक से सर्जन को अधिक precision एवं control मिलता है, और मरीज को कम दर्द, तेज रिकवरी और छोटी चीरा मिलता है। पारंपरिक सर्जरी में आमतौर पर 8–10 दिन अस्पताल में रहना पड़ता था, लेकिन रोबोटिक सर्जरी में डिस्चार्ज केवल 3–4 दिनों में हो सकता है।

अन्य ऑपरेशन और टीम

पहले दिन दो ऑपरेशन हो चुके हैं—पहला प्रोस्टेट और दूसरा किडनी ट्यूमर से पीड़ित शीला देवी का। सर्जिकल टीम में लखनऊ के संजय गांधी PGI के यूरोलॉजी प्रमुख डॉ. अनंत कुमार, डॉ. पंपोष रैना, और डॉ. पवन कौंडल शामिल थे, जिनकी ट्रेनिंग AIIMS जैसे संस्थानों में हुई है।

सरकार की बड़ी योजनाएँ: टेक्नोलॉजी के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधारों की घोषणा भी की:

  • नए विभाग खोलना, तकनीशियन की भर्ती,
  • ₹11 करोड़ का हॉस्टल निर्माण,
  • ₹23 करोड़ का इन-हाउस ऑटोमेटेड लैब,
  • 3-Tesla MRI मशीन भी जल्द ही इंस्टॉल की जाएगी।

राज्य भर के सरकारी मेडिकल कॉलेज—जैसे IGMC Shimla, Tanda, Hamirpur—में भी इसी तरह की रोबोटिक सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से लाई जाएंगी। सरकार ₹3,000 करोड़ से अधिक खर्च कर रही है पुरानी मशीनें रिटायर करने और नई टेक्नोलॉजी लाने के लिए।

बदलाव क्यों जरूरी था?

पहले हिमाचल के मरीज स्पेशलिटी इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख करते थे, जिससे समय और पैसा दोनों की बर्बादी होती थी। अब यह सुविधा शिमला में मिलने से मरीजों का जीवन आसान और treatment local हो गया है।

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