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सरकार ने शुक्रवार को तीनों कृषि सुधार कानूनों को वापस लेने का एलान कर दिया

MOHD ZAFAR

सरकार ने शुक्रवार को तीनों कृषि सुधार कानूनों को वापस लेने का एलान कर दिया है। जिसको लेकर किसान नेताओं और राजनीतिक दलों ने खुशी जताई है। किसान भी इसे हक की जीत बता रहे हैं। किसान नेता इस फैसले को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आंसुओं की जीत बता रहे हैं। किसान आंदोलन की इस जीत में राकेश टिकैत के आंसुओं का और लगातार चल रही महापंचायतों का सबसे बड़ा योगदान रहा। इन महापंचायतों में न सिर्फ किसानों का सैलाब उमड़ा, बल्कि बदलते सियासी समीकरणों की ओर भी ध्यान खींचा। आगे पढ़ें, आखिर कैसे आंदोलन को जीत के जश्न तक लेकर पहुंचे टिकैत के आंसू।आंदोलन की जीत के बाद अब घर जाएंगे राकेश टिकैत राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर की महापंचायत में कहा था कि अब जब तक मांग पूरी नहीं होगी, जब तक यह आंदोलन सफल नहीं होगा, तब तक घर वापस नहीं लौटूंगा। दरअसल, किसान आंदोलन की शुरुआत में राकेश टिकैत ने प्रण किया था कि 'जब तक कानून वापसी नहीं, तब तक घर वापसी नहीं।' इसके बाद से राकेश टिकैत अपने गृह जनपद मुजफ्फरनगर की सीमाओं से जरूर गुजरे, उन्होंने आसपास के जिलों में भी बैठकें कीं लेकिन वह अपने घर नहीं गए। महापंचायत में हिस्सा लेने के बाद वापस गाजीपुर बॉर्डर लौट गए। राकेश टिकैत ने महापंचायत के मंच से कहा था कि संयुक्त मोर्चा दिल्ली बॉर्डर से तब तक नहीं उठेगा, जब तक जीत नहीं मिल जाएगी। इसके अलावा उन्होंने यह भी दोहराया कि मैं अपने घर नहीं जाऊंगा, किसानों की जीत होने के बाद ही घर आऊंगा। अब सरकार ने कृषि कानूनों की वापसी का एलान कर दिया है, ऐसे में कहा जा रहा है कि राकेश टिकैत आंदोलन शुरू होने के महीनों बाद अब जल्दी ही अपने घर की दहलीज पर कदम रखेंगे।

Report :- MOHD ZAFAR
Posted Date :- 20-11-2021