अपराध

पैसा, पॉवर और पॉलिटिक्स=सेक्स रैकेट

prabhat tiwari

नोएडा के सेक्टर-51 के बी-52 बंगले में मौज-मस्ती करने गए लोगों की जमानत अर्जी आज गौतमबुद्धनगर के जिला जज की अदालत में लगी। ये सब धन-धान्य और घर-परिवार से परिपूर्ण लोग हैं।कल मजिस्ट्रेट की अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर उन्हें जेल भेज दिया था। सेज से जेल की दूरी चाहे कितनी कम हो परंतु पैसे के दम पर सबकुछ हासिल करने का घमंड करने वालों के लिए जेल कुछ ज्यादा कष्टदायक होती है। इसलिए सुबह अदालत शुरू होने से पहले हिमायती वहां पहुंच गए। सबसे वरिष्ठ अधिवक्ता को जमानत कराने की जिम्मेदारी दी। वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोई कोर कसर भी नहीं छोड़ी परंतु ऐसे आरोपियों के प्रति अदालत की कोई सहानुभूति नहीं उपजी। अब दो दिन बाद जमानत अर्जियों पर फिर सुनवाई होगी। हिमायती निराश थे। उन्हें अदालत से ऐसी उम्मीद नहीं थी।उधर एक स्थानीय समाचार पत्र (चेतना मंच) ने रहस्योद्घाटन किया कि जहां सेक्स रैकेट चलाया जा रहा था,वह बंगला कानपुर के किसी भाजपा विधायक का है। सत्ताधारी विधायकों को कानून और समाज से इतनी छूट तो मिलनी ही चाहिए! जब तमाम स्रोतों से भी उदरपूर्ति न हो तो देह व्यापार अंतिम विकल्प रह जाता है, निराश्रित महिला के लिए भी और सक्षम राजनेता के लिए भी। एक रहस्योद्घाटन कल निचली अदालत के समक्ष मामले के जांच अधिकारी सहायक पुलिस आयुक्त ने यह कहा कि वहां चार पांच महीने से सेक्स रैकेट चल रहा था। होटल या अनैतिक देह व्यापार के इस अड्डे की थाने से बहुत दूरी नहीं है।इतने दिनों तक कोई जानकारी नहीं होने के लिए क्या कमिश्नरेट पुलिस अपनी पीठ थपथपाना पसंद करेगी? वह फिलहाल अपने इस लेटलतीफ गुडवर्क पर अपनी पीठ थपथपाने में मशगूल है।

Report :- prabhat tiwari
Posted Date :- 02-07-2021

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